‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर,11 दिसंबर। छोटे पांव मजबूत कदम बैजनपाठ पहुंचा, जहां जरूरतमन्द 262 बच्चों को स्वेटर व बुजुर्गों को कम्बल वितरित किया। इन बच्चों में लुल्ह और भुंडा के बच्चे भी शामिल थे। इस दौरान उन्हें कॉपी स्लेट व अन्य पठन सामग्री का वितरण भी किया गया।
ग्राम पंचायत खोहिर के सरपंच व स्थानीय ग्रामीणों ने पहुंचविहीन गांवों तक आकर गर्म कपड़े वितरण करने को लेकर संस्था के इस नेक की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।
छोटे पांव मजबूत कदम चार सालों से जरूरतमन्द बच्चों व अन्य को गर्म कपड़ों के साथ पठन सामग्री व अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण कर रहा है। इस साल भी ठंड के सीजन में स्वेटर व अन्य गर्म कपड़े वितरित किये जा रहे हैं।
शनिवार को छोटे पांव मजबूत कदम ने स्वेटर वितरित करने के लिए बैजनपाठ, लुल्ह और भुंडा नाम के गांवो का चयन किया था जो सूरजपुर जिले के ओडग़ी ब्लॉक अन्तर्गत पहाड़ में बसे तथा पहुंचविहीन हैं। कठिनाइयों से भरा सफर तय कर टीम यहां पहुंची और स्कूल व आंगनबाड़ी के साथ गांव के छोटे-छोटे बच्चों को स्वेटर का वितरण किया। स्वेटर के साथ उन्हें पठन सामग्री का वितरण किया गया जिसमें कॉपी, स्लेट,पेंसिल व अन्य सामग्री है। ठंड से बचने बुजुर्गों को कम्बल भी वितरित किये गए।
इस दौरान टीम के सदस्य व प्रतापपुर बीईओ एमएस धुर्वे ने कहा कि छोटे पांव मजबूत कदम आज कठिन रास्ता तय कर आओके बीच पहुंचा है ताकि निर्धन बच्चों को गर्म कपड़े व पठन सामग्री वितरित की जा सके।
उन्होंने कहा कि हम जरूरतमन्दों को ज़रूरत की चीज उपलब्ध कराते हैं लेकिन इसके पीछे हमारी सोच है कि ज्यादा से ज्यादा लोग मुहिम से जुड़ें और जरूरमन्दों कि मदद करें।
ब्लॉक कांग्रेस प्रतापपुर के उपाध्यक्ष बनवारीलाल गुप्ता ने कहा कि मैं कई सालों से संस्था को काम करते देख रहा हूँ, हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं, लेकिन संस्था ऐसे गांवों तक भी पहुंच रही है जहां कोई जाना नहीं चाहता,यह आज लुल्ह आकर पता चला।
यहां के लोगों को हर तरह के सहयोग की जरूरत है और यहां के निर्धन परिवारों की मदद के लिए छोटे पांव मजबूत कदम जैसी संस्था आगे आती है तो निश्चित ही इसका फायदा मिलेगा।
टीम के सदस्य भूपेश तिवारी ने कहा कि छोटे पांव मजबूत कदम संस्था की सोच से ऐसे लोगों तक पहुंचती जिन तक किसी की नजर नही जाती है।संस्था तो अपना काम कर रही है, सभी को मदद के लिये आगे रहना चाहिए।ग्राम पंचायत खोहिर के सरपंच फुलसाय पंडो ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था से जुड़े लोग सभी कठिनाइयों को पार कर हमारे बीच आये हैं ताकि यहां के बच्चो को गर्म कपड़े दिए जा सकें। संस्था के संयोजक राकेश मित्तल ने ग्रामीणों को छोटे पांव मजबूत कदम की जानकारी दी।
इस दौरान संस्था जुड़े एबीओ प्रतापपुर साइमन तिर्की,अनिल मित्तल,धनंजय कुशवाहा,शंकर रवि,राजेश सिंह सहित स्थानीय लोगो में पूर्व सरपंच तेजबली,रामकृपाल यादव,सुरेंद्र सिंह मरकाम,रविनंदन सिंह,रामवृक्ष, छक्केलाल,बृजलाल,मेहीलाल,पवन कुमार,पंच रोशनलाल, पे्रमलाल,रामकिशुन,अखिलेश,कन्हैया लाल,शिक्षक मोहरलाल पंडो,राजकुमार दुबे,शोभनाथ पंडो,रामचंद्र बैगा,सुन्दरमन सिंह,दीपचंद्र बैगा,रामानंद देवांगन,स्वीपर इंदरलाल व अन्य उपस्थित थे।
आसान नहीं था गांवों तक पहुंचना
बैजनपाठ, लुल्ह और भुंडा पहाड़ में बसे गांव हैं और यहां तक जाने अच्छी सडक़ नहीं है, पथरीले और पगडंडी युक्त सडक़ से होकर जाना पड़ता है। छोटे पांव मजबूत कदम की टीम जब इन गांवों तक जाने निकली तो पहुंचना आसान नहीं था। कच्ची व घटिया सडक़ों तथा बिना पूल के नालों से होकर किसी तरह पँचायत मुख्यालय खोहिर तक पहुंचे।
यहां से जब पहाड़ में चढ़ाई शुरू की तो कुछ दूरी तक सीसी सडक़ मिली लेकिन बाकी सडक़ पथरीली और खतरनाक थी।खुद की छोटी गाडिय़ां लुल्ह तक नहीं पहुंच सकीं और ज्यादातर रास्ता मोटरसाइकिल और ट्रेक्टर से तय करना पड़ा।
उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्ते से होकर लुल्ह तक पहुंचने में कई घण्टे लगे, जिस कारण एक दिन में सभी बच्चों को स्वेटर व पठन सामग्री का वितरण नहीं किया जा सका तथा स्थानीय सरपंच फुलसाय पंडो को इन्हें दे दिया गया ताकि अगले दिन इनका वितरण हो सके।