सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,14 दिसंबर। महामाया पहाड़ पर हो रहे अतिक्रमण पर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दिए जाने के विरोध में आज महामाया पहाड़ श्रृंखला बचाओ संघर्ष समिति द्वारा गांधी चौक के पास एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व भी संघर्ष समिति द्वारा भिन्न-भिन्न समय पर आंदोलन व ज्ञापन देकर शासन प्रशासन को सतर्क करने का प्रयास किया है।
संघर्ष समिति के कार्यकर्ता निलेश सिंह ने आरोप लगाते कहा कि अतिक्रमणकारियों द्वारा पहाड़ पर निरंतर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिस पर शासन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई करने की बजाय उनको संरक्षण प्रदान करने का कार्य हो रहा है। राजस्व भूमि को गुपचुप तरीके से नजूल भूमि घोषित कर विद्यमान प्रावधानों का अवैधानिक लाभ देते हुए अतिक्रमणकारियों को पट्टा देने की कार्यवाही की जा रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
त्रिलोक कपूर कुशवाहा ने आरोप लगाते कहा कि शासन प्रशासन अपने प्रिय प्रतिनिधियों को खुश करने के चक्कर में लगा हुआ है उनकी खुशी के लिए मां महामाया के दामन को तार-तार किया जा रहा है, धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने के साथ साथ पर्यावरण से भी मजाक हो रहा है। मां महामाया पहाड़ अंबिकापुर के पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर भी है समय रहते यदि नागरिक नहीं जागे तो आने वाली पीढिय़ां हमको माफ नहीं करेगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश तिवारी ने कहा कि महामाया पहाड़ के संरक्षण समर्थन के लिए बड़ी लड़ाई की आवश्यकता है संघर्ष समिति के आंदोलन को जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा।नगर के एक-एक नागरिक को मां महामाया के इस पावन पहाड़ को बचाने के लिए अपने समय में से कुछ समय की कुर्बानी देनी होगी अन्यथा यह अमूल्य धरोहर मात्र इतिहास का एक हिस्सा बन कर रह जाएगी।
धरने को बंशीधर उरांव, दिलीप सिंह, धनंजय मिश्रा, अनिल तिवारी, आकाश गुप्ता, शैलेश सिंह, निश्चल प्रताप सिंह, गौतम विश्वकर्मा, रिंकू वर्मा, मनोज कंसारी, किशोर बघेल ने भी संबोधित किया। धरने का संचालन विनोद हर्ष ने किया।
धरने में प्रमुख रूप से राज बहादुर सिंह,विद्यानंद मिश्रा, संजय अग्रवाल, जन्मेजय मिश्रा, बेबी शर्मा, अनुज तिवारी, राजेश सिंह, मधुसूदन शुक्ला, अजय मिश्रा, नरेंद्र सिन्हा, विनोद सिंह,सतीश मिश्रा,नकुल सोनकर,दिनेश शुक्ला, मुकेश अग्रवाल,रूपेश दुबे, दिवस दुबे, रंजीत दुबे,धर्मेंद्र जायसवाल, सुनील बघेल, नीरज वर्मा, उपेंद्र गुप्ता, अभिषेक सिंह, मनीष सिंह, गणेश कश्यप, जतिन परमार, छोटे माथुर, अभिमन्यु श्रीवास्तव, मार्कंडेय तिवारी, संजीव वर्मा, प्रिंस तिवारी, दिवस नामदेव सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।


