सरगुजा
स्वमेव परिवर्तन, रकबा बदलना, फसल गायब सहित कई प्रकार की हो रही है परेशानी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 11 दिसंबर। किसान के खाते में स्वमेव परिवर्तन, रकबा बदलना, फसल का गायब हो जाना सहित अन्य कई प्रकार की समस्याओं से पटवारी एवं आम जनता को काफी परेशान हो रही है, जिसे देखते हुए 12 दिसंबर से पटवारी संघ ने ऑनलाइन भुइयां के बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
संघ ने निर्णय लिया है कि 12 से 16 दिसंबर तक राजस्व पटवारी संघ सरगुजा के समस्त पटवारी भुइयां कार्यक्रम के विरोध स्वरुप भुइयां सॉफ्टवेयर का बहिष्कार करेंगे। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पटवारी संघ ने बताया कि ऑनलाइन भुइयां के कारण नामान्तरण की प्रक्रिया भी जटिल कर दी गई है। ई-कोर्ट से होने वाले आदेश को सीधे नामान्तरण करने का विकल्प नहीं है, उसे एम डी सीरीज से करने को बाध्य किया जा रहा है, इससे नामान्तरण का स्वरुप बदल जा रहा है, किसी भी प्रकार का संशोधन सीधे नहीं हो रहा है, जिससे पटवारी और तहसीलदार का काम समय पर नहीं हो पा रहा है। काम में देरी से जनता के बीच शासन-प्रशासन की छवि खऱाब हो रही है। इस संबंध में पूर्व में भी सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया था, जिस पर अब तक कोई भी कार्यवाही शासन स्तर पर नहीं हुआ।
गौरतलब है कि 27 नवंबर को राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय बैठक जिला कोरिया में आहुत की गई थी, जिसमें भुइयां सॉफ्टवेयर में हो रहे लगतार बदलाव के कारण पटवारी तहसीलदार के साथ आम जनता भी परेशान होने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गयी थी। प्रांतीय सम्मलेन में सर्वसम्मति से पारित निर्णय के अनुसार राजस्व पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वन पर 12 दिसंबर से 16 दिसंबर तक ऑनलाइन भुइयां के बहिष्कार करने का निर्णय लिया है जिसका आज से संघ बहिष्कार करेगा। भुइयां सॉफ्टवेयर के बहिष्कार की जानकारी संघ ने कलेक्टर को दे दी है।


