‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 18 मार्च। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले में प्रतिदिन बढ़ती जनसमूह की उपस्थिति यह दर्शा रही है कि लोगों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति आकर्षण और अपनत्व निरंतर बढ़ रहा है। मेले में परिवार सहित पहुंच रहे नागरिक खरीदारी के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।
मेले में आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से देशप्रेम, सामाजिक समरसता एवं सद्भावना का सशक्त संदेश दिया जा रहा है। बच्चों, युवाओं और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस आयोजन को और अधिक जीवंत बना रही है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में गुजराती समाज द्वारा प्रस्तुत गरबा एवं लोक कला ने दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक संगीत के साथ प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने प्रेम, एकता और संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। वहीं राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक ने भी मेले में चार चांद लगा दिए, जिससे उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
पारंपरिक प्रतियोगिताएं जो बीते दिनों को याद दिला रही है इन प्रतियोगिता का सभी ने आनंद उठाया इनमें फुगड़ी, लंगड़ी, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, रस्सा कसी प्रतियोगिता, चम्मच गोली प्रतियोगिता, जलेबी दौड़ एवं स्वदेशी फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों व बड़ो ने उत्साह से भाग लिया। पुराने पारंपरिक खेलों ने सबका मन मोह लिया।
स्वदेशी मेला न केवल व्यापार को प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को भी सशक्त कर रहा है। संयोजक अजय भसीन ने अधिक से अधिक नागरिकों से इस मेले में पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का आग्रह किया है।
अर्णबकांत चौधरी, आर जगत,जयेश पांचाल, बॉबी दास, सरोजनी पाणिग्रही,गीता वर्मा,सुमन कनोजे,विकास जायसवाल, रश्मि वर्मा,सविता शर्मा,,सुनीता सोनी,पुष्पलता कर व अनेक सदस्यों ने प्रतियोगिता में समर्पित सेवा दी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मीडिया प्रभारी शंकर सचदेव ने दी।