‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 5 जनवरी। वर्ष 2025 राजिम पुलिस के लिए अपराध नियंत्रण की दृष्टि से एक निर्णायक और उल्लेखनीय वर्ष साबित हुआ। पूरे साल सुनियोजित रणनीति और सख्त कार्रवाई के चलते गुंडे-बदमाशों, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा। इन प्रयासों का असर यह रहा कि जहां अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई।
राजिम थाना क्षेत्र सहित ग्रामीण अंचलों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए। हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट, चोरी, नकबजनी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, अवैध शराब बिक्री और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में दर्जनों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कई कुख्यात अपराधियों पर गुंडा बदमाश अधिनियम, आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। इसी के साथ आदतन अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
7 बदमाश जिला बदर, 653 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
थाना प्रभारी टीआई अमृत लाल साहू ने बताया कि वर्ष 2025 में थाना क्षेत्र के 7 बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई, जबकि 653 बदमाश प्रवृत्ति के लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। इसी दौरान हत्या और हत्या के प्रयास के 12 प्रकरण, साइबर धोखाधड़ी के 5 मामले, महिलाओं व बच्चों के खिलाफ छेड़छाड़, बलात्कार और यौन उत्पीडऩ के 14 मामले दर्ज किए गए। नाबालिगों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
लापता लोगों की बरामदगी में बड़ी सफलता
तकनीकी संसाधनों, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस ने 69 लापता युवक-युवतियों, महिलाओं और बच्चों को विभिन्न जिलों व राज्यों से बरामद कर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया।
नशा, शराब और अवैध हथियारों पर प्रहार
नारकोटिक्स के 9, नशीली दवाओं का 1 और अवैध शराब के 153 मामलों में कार्रवाई की गई। अवैध हथियार लेकर लोगों को डराने वाले 7 बदमाशों को जेल भेजा गया। चोरी-लूट के 9 मामलों में करीब 3.13 लाख रुपये के सोना-चांदी और 5 लाख रुपये की कार बरामद की गई। 8 बदमाशों को निगरानी सूची में शामिल किया गया है, जिस पर निरंतर निगाह रखी जा रही है।