बस्तर

युवाओं को भा रही है मादरकोंटा गुफा की खूबसूरती
23-Feb-2022 9:18 PM
युवाओं को भा रही है मादरकोंटा गुफा की खूबसूरती

   नाईट कैम्पिंग से लेकर पिकनिक स्पॉट के रूप में हो रहा है विकसित  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 23 फरवरी।
शहर से 45 किमी दूर दरभा से लगे मादरकोंटा गुफा इन दिनों युवाओं के लिए पिंकनिक स्पॉट से लेकर नाईट कैम्पिंग के लिए काफी विकसित होता जा रहा है, जहां ना सिर्फ शहर के लोग बल्कि बाहर से भी लोग आ रहे है, वही गाँव के युवाओं के द्वारा गाइट का काम करने के साथ ही बाहर से आ रहे लोगों के अनुसार भोजन भी बनाकर उपलब्ध करा रहे है।

बताया जा रहा है बस्तर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में काफी प्रसिद्ध है, यहां के नैसर्गिक वन, खूबसूरत जलप्रपात और कांगेर वैली नेशनल पार्क की खूबसूरती देखते ही बनती है, बस्तर में तीन प्रसिद्ध गुफाएं हैं जो यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होती है, वही अब बस्तर के ग्रामीणों ने एक और गुफा ढूंढ निकाला है जो इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रही है, हालांकि पर्यटन विभाग ने इसे अब तक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं किया है, लेकिन इस  गुफा  की खूबसूरती लोगों का मन मोह ले रही है।

बताया जा रहा है कि इस  गुफा  की खोज मांदरकोंटा गांव के ही लखमा सोढ़ी नामक एक ग्रामीण ने सन 1948 में किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन के उदासीनता के चलते यह नैसर्गिक  गुफा  ज्यादा प्रचलित नहीं हो सका, लेकिन यह  गुफा  बस्तर की प्रसिद्ध कैलाश गुफा, दंडक गुफा  और कुटुंब सर गुफा  की तरह खूबसूरत, विशाल और काफी गहरा है, वर्तमान में जिस तरह से लगातार स्थानीय लोग इस  गुफा  तक पहुंच रहे हैं और सोशल मीडिया में इसकी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं, ऐसे में अब यह मांदरकोंटा  गुफा  लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि नेगानार इलाके के मांदरकोंटा गांव में बड़े चट्टानों के बीच मौजूद यह  गुफा  सैकड़ों साल पुराना है, हालांकि इस  गुफा  का मुख्य द्वार काफी सकरा होने की वजह से ग्रामीण इस  गुफा  के भीतर जाने से हिच कीचाते थे लेकिन धीरे धीरे ग्रामीणों ने इस  गुफा  के अंदर प्रवेश करना शुरू किया और इसकी गहराई देखी जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी दी, बताया जा रहा है कि  गुफा  के अंदर चूना पत्थर होने के कारण पानी के रिसाव से कार्बन डाइऑक्साइड और पानी की रासायनिक क्रिया होने के कारण  गुफा  में स्लेटमाइट व स्लेटराइट के स्तंभ बने हुए हैं, स्लेटराईट के स्तंभ में रोशनी पडऩे के कारण यह और भी चमकदार और आकर्षक लगती है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रकृति के द्वारा बना हुआ यह अद्भुत  गुफा  है, इस  गुफा  के अंदर प्रकृति के द्वारा कुछ ऐसी सुंदर संरचना और कलाकृति दिखाई पड़ती है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।


अन्य पोस्ट