बस्तर

बस्तर को नई पहचान दिलाने पुलिस व जनता दृढ़ संकल्पित- आईजी
10-Feb-2022 9:18 PM
बस्तर को नई पहचान दिलाने पुलिस व जनता दृढ़ संकल्पित- आईजी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 10 फरवरी। अंग्रेजों की हुकुमत के विरूद्ध  बस्तर के वनांचल क्षेत्र में क्रांतिकारी युद्ध का नेतृत्व करने वाले जननायक गुण्डाधूर, डेबरीधूर एवं अन्य शहीदों की स्मृति में भूमकाल दिवस मनाया गया। आज सुन्दरराज पी.बस्तर रेंज आईजी,  जितेन्द्र मीणा, पुलिस अधीक्षक, जिला बस्तर तथा अन्य पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों द्वारा वीर शहीद गुण्डाधूर के गृहग्राम नेतानार पहुंचकर शहीद गुण्डाधूर, डेबरीधूर एवं अन्य शहीदों का स्मरण करते हुए उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया।

1910 में स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान शहीद गुंडाधुर, शहीद डेबरीधूर और बस्तर के अन्य क्रांतिकारी आदिवासी नेताओं द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करके बस्तर क्षेत्र में भूमकाल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बस्तर के लोगों ने 1270 सुरक्षाकर्मियों की शहादत को भी याद किया और 1769 बहादुर ग्रामीणों ने बस्तर क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया।

बस्तर संभाग के समस्त जिला कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा में आज भूमकाल दिवस  के अवसर पर पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों द्वारा क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा एवं विकास हेतु शहादत दी गई सभी शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुये बस्तर क्षेत्र के हित में समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पुलिस ने कुछ वर्ष पूर्व शहीद गुण्डाधूर के गृहग्राम नेतानार में एक विशाल मूर्ति की स्थापना की, प्रत्येक राष्ट्रीय पर्व एवं अन्य अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र की युवा पीढ़ी एवं जनता को बस्तर क्षेत्र की शांति-सुरक्षा-विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया जाता है।

सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज ने बताया कि बस्तर रेंज की जनता के जानमाल की रक्षा करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पश्चात् अब तक 1270 पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवानों की शहादत हुई। माओवादियों की हिंसात्मक एवं नकारात्मक विचारों के शिकार होकर बस्तर संभाग में अब तक 1769 निर्दोष ग्रामीणों की भी जनहानि हुई। इन तमाम चुनौती एवं संघर्ष के बावजूद भी बस्तर क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाने हेतु पुलिस, सुरक्षा बल सदस्य एवं बस्तर की जनता दृढ़ संकल्पित है।

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज द्वारा भूमकाल दिवस की 112वीं वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर क्षेत्र की जनता से प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के जनविरोधी एवं विकास विरोधी विचारों का मुंहतोड़ जवाब देते हुये बस्तर क्षेत्र की सकारात्मक पहचान दिलाने हेतु पुलिस, सुरक्षा बल एवं स्थानीय प्रशासन के साथ सहभागीदारी निभाने हेतु अपील की गई।


अन्य पोस्ट