बस्तर
जगदलपुर, 28 जनवरी। विगत 6 दिनों से बोधघाट थाने के समक्ष प्रदर्शनरत भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री के दो दिवसीय बस्तर प्रवास को विफल बताते हुए उनकी आलोचना की है।
निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि जब बस्तर में महिलाएं कांग्रेस के पार्षद के द्वारा प्रलोभन देकर लूटे हुए अपने पैसे को वापस पाने के लिए न्याय मांग रही थी, उस समय मुख्यमंत्री ने इन पीडि़त महिलाओं से मिलने की बजाय फुटबॉल खेलने को प्राथमिकता दी।संजय पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री दो दिन बस्तर में रहे, उन्हें इस प्रकरण की जानकारी भी थी, इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने पीडि़त महिलाओं से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन देना उचित नहीं समझा, ये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की असंवेदनशीलता का प्रदर्शन था।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि पुलिस प्रशासन पर आखिर कांग्रेस पार्टी का इतना दबाव क्यों है ? किसके-किसके अपराध को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है ? क्या पार्षद के पीछे संगठन और सत्ता के बड़े नेताओं का हाथ है।
महापौर ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि पार्षद से मैंने बात की है, वह निर्दोष है, महापौर ने अपने बयान में ये भी कहा है कि उन्हें जानकारी थी कि पार्षद विगत 2 वर्षों से महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए प्रयासरत थीं, इससे स्पष्ट होता है कि महापौर को इस प्रकरण के विषय में समुचित जानकारी पहले से ही थी, इसके बावजूद भी आज महापौर सफीरा साहू महिला पार्षद के समर्थन में खड़ी हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि महापौर की भी इस प्रकरण में संलिप्तता है।
नहीं तो क्या कारण है कि 2 वर्ष से इन्हें जानकारी होते हुए कि वह पार्षद पीडि़त महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास नहीं दिलवा सकती और आयुक्त के द्वारा भी यह स्पष्ट करने के बाद भी महापौर ने इस विषय में चुप्पी साध रखी थी। पार्षद के ऑडियो से ये भी स्पष्ट है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में सत्ता और संगठन के स्थानीय नेताओं का वरदहस्त, पार्षद को प्राप्त है जिसके जरिए वह पार्षद गरीबों से इतनी बड़ी रकम लूटने का साहस कर सकी।
कांग्रेस पार्टी जानती है कि अगर पुलिस एफआईआर दर्ज कर लेती है और निष्पक्ष जांच होती है तो इस लूट में पार्षद के जितने भी सहयोगी है उनका भी पर्दाफाश हो जाएगा। क्या इसीलिए कांग्रेस पार्टी आरोपी पार्षद को बचाने के लिए जनता के विरुद्ध न्याय व्यवस्था के विरुद्ध खड़ी है।
कांग्रेस पार्टी को इसी बात का अपराध बोध है इसलिए वह पीडि़त महिलाओं का सामना करने से डर रही है। संजय पांडे ने आगे कहा कि पीडि़त महिलाओं को न्याय मिलने तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा।


