बस्तर

जन अदालत में एक की हत्या नक्सलियों ने कबूला
09-Jan-2022 5:08 PM
जन अदालत में एक की हत्या नक्सलियों ने कबूला

गंगालूर एरिया कमेटी ने जारी किया प्रेस नोट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 9 जनवरी।
कुछ दिनों पहले बीजापुर से लगे एक जन अदालत में 3 ग्रामीणों की हत्या करने की बात कही गई थी,  जिसके बाद नक्सलियों की ओर से एक प्रेस नोट भी जारी किया गया है,  जिसमें नक्सलियों ने 3 नहीं सिर्फ मिलिशिया कमांडर की जनअदालत में हत्या करना स्वीकार किया है।

29 दिसंबर को मिलिशिया कमांडर की जनअदालत लगाकर हत्या करना गंगालूर एरिया कमेटी ने जारी प्रेस नोट में कही है, जबकि किसी भी ग्रामीणों की हत्या नहीं किया गया है। नक्सलियों ने प्रेस नोट में उल्लेख किया है कि तीन की नहीं सिर्फ पुसनार मिलिशिया कमांडर पूनेम कमलु की जनअदालत में हत्या की गई है।

पुनेम कमलु पर 2018 से पुलिस के लिए काम करने और गांव की महिला के साथ अवैध संबंध रखने का आरोप भी लगाया गया है। तीन ग्रामीणों की हत्या की खबर को  पुलिस का झूठा प्रचार बताया है।

 गंगालूर एरिया कमेटी ने अपने प्रेस नोट में कहा कि गंगालूर क्षेत्र में तीन ग्रामीण सहित एक महिला की हत्या करने का दावा ये पुलिस, प्रशासन का षड्यंत्र के साथ मीडिया में दुष्पचार की जा रही है, केंद्र-राज्य सरकार द्वारा क्रांतिकारी माओवादी पार्टी को उन्मुलन के नाम से आदिवासीयों पर बर्बरता दमन चलाने के लिए सुकली, नेटवर्क, गोपनीय सैनिक, कोवर्ट बनाया जा रहा है।

ग्राम पुसवार का मिलिशिया कमाण्डर पूनम कमलू 2018 से पुलिस का कोवर्ट (एजेंट) बनकर कई बार पार्टी, जनता पर हमला किया । पुलिस प्रशासन द्वारा कमलू को 10,000 रुपये राशि दिया गया था। पुसनार, हीरिल, मेटटापाड़, बुरजी इन गांवों के उपर हमला करवाया था, 29 दिसम्बर 2021 को पूनम कमलू अपने ही परिवार की बहन के साथ शारीरिक संबंध रखकर आत्मसमर्पण कर गद्दारी करने के लिए भाग रहा था, तभी जनता ने पकडक़र जन अदालत में लाकर मारे हैं। तीन ग्रामीण की हत्या करने का मीडिया में मन गढ़ंत कहानी है, ये सफेद झूठ है।

हमारी क्रांतिकारी राजनीतिक पार्टी है, निर्दोष ग्रामीणों को बिना गलती से नहीं मारते हैं।
 


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