बलरामपुर

कुसमी नपं उपाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग
23-Mar-2026 10:16 PM
कुसमी नपं उपाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग

दोषसिद्धि के आधार पर पद से हटाने की उठी मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलरामपुर, 23 मार्च। नगर पंचायत कुसमी के उपाध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 10 (राजीव गांधी वार्ड) के पार्षद आनंद जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद सोमनाथ भगत ने जिला प्रशासन को आवेदन सौंपा है। यह आवेदन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी को संबोधित करते हुए प्रस्तुत किया गया है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि आनंद जायसवाल को पूर्व में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध करार देते हुए दो वर्ष के श्रम कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। इसके आधार पर उनके जनप्रतिनिधि पद पर बने रहने की वैधानिकता पर प्रश्न खड़े किए गए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 37(2) का हवाला देते हुए कहा है कि दोषसिद्ध व्यक्ति जनप्रतिनिधि के पद पर बने रहने के लिए अयोग्य होता है। साथ ही उच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति स्वत: पद के लिए अयोग्य हो जाता है।

आवेदन में यह भी बताया गया है कि मामले से संबंधित याचिकाएं पूर्व में न्यायालय में दायर की जा चुकी हैं, जिन्हें खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद संबंधित जनप्रतिनिधि पद पर बने हुए हैं, जिसे नियमों के विरुद्ध बताया गया है। जिला प्रशासन से मामले की जांच कर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने तथा आनंद जायसवाल को उपाध्यक्ष एवं पार्षद पद से पृथक करने की मांग की गई है। साथ ही यदि किसी प्रकार की तथ्य छिपाने की स्थिति पाई जाती है, तो दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद सोमनाथ भगत के शिकायत से मामले को लेकर नगर पंचायत कुसमी क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि नगर पंचायत में अध्यक्ष पद कांग्रेस के पास है, जबकि उपाध्यक्ष पद भाजपा के पास है।  ऐसे में विपक्ष की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


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