बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर/रायपुर, 16 मई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक रिश्वत प्रकरण में विशेष न्यायालय ने सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी गौतम सिंह आयम को तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, बलरामपुर जिले के ओदरी निवासी नितेश रंजन पटेल ने वर्ष 2024 में एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता पूर्व माध्यमिक शाला ढढिय़ा, संकुल कछिया, विकासखंड वाड्रफनगर में भृत्य पद पर पदस्थ हैं।
शिकायत में कहा गया था कि वर्ष 2013 से 2017 तक की लंबित एरियर राशि 92 हजार रुपये का भुगतान लंबित था। इस संबंध में वे कार्यालय बीईओ वाड्रफनगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 गौतम सिंह आयम से मिले थे।
एसीबी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने सेवा पुस्तिका सत्यापन और बिल प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान कथित रूप से 12 हजार रुपये देने की बात सामने आई।
इसके बाद 13 अगस्त 2024 को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार, गौतम सिंह आयम को कार्यालय में शिकायतकर्ता से 12 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद 8 अक्टूबर 2024 को विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर में आरोप पत्र पेश किया गया।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद 15 मई को आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।


