बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर-रामानुजगंज, 16 मार्च। जिले में अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के मामले में बलरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में बिहार और झारखंड से दो सरगना आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस प्रकरण में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार थाना कुसमी के अपराध क्रमांक 26/2026 और थाना कोरंधा के अपराध क्रमांक 04/2026 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में पैरू सिंह भोक्ता बिहार और भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्दरा उरांव झारखंड शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को उनके निवास स्थान से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया है।
खेतों में मिली थी करोड़ों की अफीम
पूर्व में पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ तथा थाना कोरंधा क्षेत्र के ग्राम तुरीपानी खजूरी में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस, प्रशासन और एफएसएल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए खेतों में लगी अफीम की फसल जब्त की थी।
ग्राम त्रिपुरी से 4344.569 किलोग्राम अफीम (करीब 4.75 करोड़ रुपये), ग्राम तुरीपानी खजूरी से 1883.76 किलोग्राम अफीम (करीब 2 करोड़ रुपये) कुल मिलाकर लगभग 6.75 करोड़ रुपये कीमत की अवैध अफीम जब्त की गई थी।
कई राज्यों में दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और बलरामपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। एंड टू एंड विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीमों ने झारखंड और बिहार के कई संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी। इसी दौरान दोनों मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की तलाश के लिए विवेचना लगातार जारी है।


