बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार 23 मार्च। बलौदाबाजार वन विभाग द्वारा व डीएफओ के अंतर्गत आज सुबह पक्षी दर्शन क्चद्बह्म्स्र ङ्खड्डद्यद्म कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। पक्षी विशेषज्ञ हेमंत वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस वॉक में प्रकृति प्रेमियों ने छुइहा बांध और उसके आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की विविध दुनिया को करीब से देखा।
सुबह 6.15 बजे वन कार्यालय में एकत्रित होने के बाद, 10 प्रतिभागियों का दल छुइहा बांध पहुँचा। पक्षी विशेषज्ञ हेमंत वर्मा ने प्रतिभागियों को पक्षियों को पहचानने के विभिन्न गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि पक्षियों की पहचान केवल उनके रंग-रूप से ही नहीं, बल्कि उनकी आवाज क्चद्बह्म्स्र ष्टड्डद्यद्यह्य), उडऩे के तरीके और खान-पान की आदतों से भी की जा सकती है। इसके साथ ही दल ने क्षेत्र में पक्षियों के घोंसलों हृद्गह्यह्लद्बठ्ठद्द ॥ड्डड्ढद्बह्लड्डह्लह्य का बारीकी से अवलोकन किया।
इस बर्ड वॉक के दौरान कुल 45 प्रजातियों के पक्षियों की पहचान की गई। बांध के पानी और आसपास के पेड़ों पर पक्षियों का जमावड़ा देखने लायक था। प्रमुख प्रजातियों में शामिल थे।
जलीय पक्षी- यूरेशियन कूट (लगभग 100), यूरेशियन मूरहेन (करीब 100), ग्रे-हेडेड स्वैम्पेन, व्हाइट-ब्रेस्टेड वाटरहेन, और ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट। अन्य पक्षी- यूरेशियन विजन, ग्रे फ्रेंकोलिन (तीतर), लाफिंग डव, स्पॉटेड डव, एशियन कोयल, ग्रेटर कूकल और व्हाइट-थ्रोटेड किंगफिशर। इसके अलावा ब्लैक काइट, पाइपेट और रेड-वॉटल्ड लैपविंग जैसे पक्षी भी प्रमुखता से देखे गए। इस प्रकृति यात्रा में कुल 10 उत्साही प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे। नरेन्द्र वर्मा, कुम्भज कुमार, टिकेश्वर निषाद, रिकेश्वर पैकरा, लोकेश यादव, अंजू वर्मा, टीना वर्मा, तन्वी मालकी, लावी मालकी और एरिक मालकी। हेमंत वर्मा, पक्षी विशेषज्ञ ने बताया कि चूंकि अब पक्षी बांध से पलायन रूद्बद्दह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ की तैयारी में हैं, ऐसे समय में यह वॉक उनके व्यवहार को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रही। युवान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।


