महालक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक से लूट का स्थानीय मददगार भी पकड़ा गया
बिलासपुर, 20 फरवरी। राजकिशोर नगर में हुई बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पकड़ लिए गए। दोनों राज्यों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लूटा गया सोना, नगदी और हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।
बिलासपुर के राजकिशोर नगर इलाके में 17 फरवरी 2026 की शाम करीब साढ़े नौ बजे एक बड़ी लूट हुई थी। महालक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक संतोष तिवारी रोज की तरह अपनी दुकान बंद करके सोने-चांदी के सामान से भरी बैग अपनी रेनो क्विड कार में रखकर घर जा रहे थे। कॉलोनी के पास एक अंधे मोड़ पर पहले से खड़ी मारुति ईको कार ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मार दी। जैसे ही संतोष बाहर निकले, बदमाशों ने गालियां दीं, पिस्टल तान दी और लोहे की हथौड़ी से सिर और शरीर पर बुरी तरह पीटा। संतोष चिल्लाते हुए घर की तरफ भागे, लेकिन बदमाशों ने कार से चार बड़े बैग लूट लिए, जिसमें दो किलो सोना, 200 ग्राम सोने के गहने, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम शुद्ध सोना और साढ़े तीन लाख रुपये नकद थे। बदमाश कार समेत फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट संतोष के पिता विवेक तिवारी ने सरकंडा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आईजी रामगोपाल गर्ग, एएसपी मधुलिका सिंह, पंकज पटेल और सीएसपी निमितेश सिंह मौके पर पहुंचे। आईजी ने पूरे इलाके में नाकाबंदी का आदेश दिया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच, डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम लगाई गई। मौके से सफेद ईको कार, पैशन प्रो बाइक, 10 जिंदा कारतूस और हथौड़ी मिली। लूटी गई क्विड कार उत्तम और परसाही गांव के बीच खाली पड़ी मिली, जहां से फिंगरप्रिंट लिए गए।
सूत्रों से पता चला कि बदमाश बिहार या यूपी की तरफ भाग सकते हैं। बिलासपुर पुलिस ने यूपी और पड़ोसी राज्यों की पुलिस को अलर्ट किया। एक टीम यूपी भेजी गई।
18 फरवरी की रात को सूचना मिली कि बदमाश सोनभद्र होकर मिर्जापुर की तरफ जा रहे हैं। बिलासपुर पुलिस ने यूपी पुलिस से संपर्क किया। मिर्जापुर के अहरौरा थाने की पुलिस ने घेराबंदी की। सोनवरसा नहर के पास एक कार में सवार दो बदमाश विनोद उर्फ बीनू और करीम खान को पकड़ा। उनके पास से 1.55 किलो सोने के गहने (176 अंगूठियां, 457 लॉकेट, 805 कान के झुमके), दो पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और 46,100 रुपये मिले।
पूछताछ में पता चला कि दो और साथी लाखनिया दारी जंगल में छिपे हैं। पुलिस टीम वहां पहुंची तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल के पैर में लगी। उनके पास से 2.218 किलो सोना, एक लाख रुपये, एक पिस्टल, एक खाली और एक जिंदा कारतूस मिला। कुल मिलाकर 3.768 किलो सोना, 1.46 लाख रुपये और हथियार बरामद हुए। घायल बदमाशों को अस्पताल भेजा गया, जहां हालत सामान्य है।
बिलासपुर से पांचवां बदमाश इरफान अली को पकड़ा गया, जो रेकी और स्कॉर्पियो गाड़ी से जुड़ा था। स्कॉर्पियो जब्त की गई।
मास्टरमाइंड विजय लांबा कई राज्यों में 70 से ज्यादा मामलों में वांछित है। मोनू उर्फ राहुल (गौतम बुद्ध नगर, यूपी), विनोद उर्फ बीनू (कोटा, राजस्थान), करीम खान (बरेली, यूपी), इरफान अली (बिलासपुर)। बदमाशों ने कबूल किया कि उन्होंने ही बिलासपुर में लूट की थी और दिल्ली जा रहे थे।
आईजी रामगोपाल गर्ग और एसएसपी रजनेश सिंह (जो छुट्टी पर थे) की निगरानी में बिलासपुर पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर 24 घंटे में कामयाबी पाई। एएसपी मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, उमेश कश्यप, निमितेश सिंह, ट्रेनी आईपीएस अंशिका जैन समेत कई अफसरों और कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। मिर्जापुर एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस, अहरौरा और अदलहाट थाने की टीम ने गिरफ्तारी की।