सरगुजा

दंपति के दोबारा विवाह मामले में कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को बचाने का प्रयास
09-Mar-2026 10:23 PM
दंपति के दोबारा विवाह मामले में कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को बचाने का प्रयास

एक सप्ताह से कार्यकर्ता आंगनवाड़ी केंद्र से नदारत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर, 9 मार्च। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में  मुख्यमंत्री कन्या विवाह के तहत महिला राम बाल विकास विभाग की एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी जहां प्रोत्साहन राशि के बंदर बात को लेकर दंपति का दोबारा मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह में दोबारा विवाह कर दिया गया था।

खबर प्रकाशन के बाद जिला परियोजना अधिकारी जे आर प्रधान ने लखनपुर सीडीपीओ को जांच के निर्देश दिया गया था। जबकि यही सीडीपीओ के द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह के तहत सूची जिला कार्यालय को भेजा गया था और उन्हीं को जांच के लिए निर्देश दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आला अधिकारी कार्यकर्ता सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी को बचाने तथा मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लखनपुर परियोजना अधिकारी के द्वारा सुपरवाइजर और कार्यकर्ता का नोटिस जारी कर जवाब मांगा  गया है। इस पूरे मामले में सीडीपीओ आसीन शुक्ला से बात करने पर उनके द्वारा उच्च अधिकारियों से जानकारी लेने की बात कही जाती है। कार्रवाई के नाम पर नोटिस जारी कर खाना पूर्ति कर दिया गया है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एक सप्ताह से आंगनबाड़ी केंद्र से नदारत है। सहायिका के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किराए के मकान में किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आंगनवाड़ी केंद्र से शिशुवती गर्भवती और बच्चों को पूरक पोषण आहार और गर्म भोजन नहीं पा रहा है।

जिन्होंने भेजी सूची उन्हीं को जांच के लिए आदेश

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत अंतिम सूची जांच के बाद सीडीपीओ के द्वारा जिला परियोजना कार्यालय भेजा जाता है। जिनके द्वारा अंतिम सूची भेजा गया है उन्हीं को जांच के निर्देश आला अधिकारियों के द्वारा दिया गया सहज की अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मामले में कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से जांच करते हुए जिला कार्यालय भेजा जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेक्टर सुपरवाइजर आरसीडीपीओ के द्वारा अंतिम सूची बनाकर मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह हेतु सूची भेजा जाता है।

इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी जे आर प्रधान से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि सीडीपीओ को जांच हेतु निर्देशित करते हुए जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। जांच प्रतिवेदन आने के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।


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