सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 8 मार्च। एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के तत्वावधान में लखनपुर में स्थापित महिला सशक्तिकरण केंद्र (डब्ल्यूईसी) के अंतर्गत सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण, दीप प्रज्वलन तथा गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ की गई।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्था के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों, स्थानीय महिलाओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने केंद्र के उद्देश्यों, प्रशिक्षण गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सिलाई सहित स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न कौशल प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में एकल संभाग संस्कार शिक्षा अध्यक्ष भगवानदास बंसल, एकल अभियान अंचल अंबिकापुर के अध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी, जागरण प्रभारी एवं खंड कार्यवाह यतेंद्र पांडे, छत्तीसगढ़ सबरी सेवा संस्थान के सुरेंद्र साहू, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण तिवारी, सह खंड संघ चालक डॉ. रविभूषण पांडे,सुरेश अग्रवाल, विश्वनाथ गुप्ता उपस्थित रहे।
वहीं दिल्ली कार्यालय से प्रोजेक्ट हेड हिमांशु मेहरा, डब्ल्यूईसी प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर रोहित, एचएल ग्रामोत्थान प्रमुख छत्तीसगढ़ जगदीश शिदार ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। इसके अलावा ग्रामोत्थान प्रमुख दक्षिण छत्तीसगढ़ हिम्मन कुमार, ग्रामोत्थान प्रमुख मध्य छत्तीसगढ़ ओमकार साहू, अंचल अभियान प्रमुख संतोष कुमार, अंचल गतिविधि प्रमुख अवधेश कुमार दास, अंचल गतिविधि प्रमुख सूरजपुर रामनारायण प्रजापति, सिलाई प्रशिक्षक सरस्वती पैकरा तथा संच प्रमुख रामेश्वर प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ताओं और आचार्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुडऩे का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। लखनपुर में स्थापित यह केंद्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है।


