सरगुजा

पीईकेबी कोल परियोजना में मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन
09-Mar-2026 10:16 PM
पीईकेबी कोल परियोजना में मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन

 दो सूत्रीय मांगों पर कंपनी प्रबंधन ने दिया लिखित आश्वासन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

उदयपुर, 9 मार्च। पीईकेबी कोल परियोजना में कार्यरत मजदूरों ने सोमवार सुबह लगभग 6 बजे से 11 बजे तक दो सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन में एक हजार से अधिक मजदूर शामिल हुए। मजदूरों की मुख्य मांग सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक अवकाश लागू करने तथा ठेका कंपनियों द्वारा एचपीसी वेजेस के अनुसार मजदूरी भुगतान करने की थी।

आंदोलन को देखते हुए मौके पर लगभग 50 की संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान एसडीओपी तुल साय पट्टावी, थाना प्रभारी शिशिरकांत सिंह और नायब तहसीलदार आकाश गौतम मौजूद रहे। प्रशासन की मौजूदगी में अदानी कंपनी प्रबंधन की ओर से पीईकेबी परियोजना के प्रमुख मुकेश और राम द्विवेदी ने मजदूरों की मांगों पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।

कंपनी प्रबंधन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में साप्ताहिक अवकाश को तत्काल लागू करने तथा एचपीसी वेजेस के अनुसार मजदूरी का भुगतान तीन माह के भीतर किए जाने की बात कही गई है। इस दस्तावेज पर ठेका कंपनियों के साइट हेड द्वारा भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

आंदोलन के दौरान मजदूरों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला। मौके पर जिला पंचायत सदस्य रैमुनिया करियाम, सरपंच संघ अध्यक्ष प्रदीप सिंह मरकाम, विजय कोर्राम, नवल सिंह वरकड़े, बालसाय कोर्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे और मजदूरों की मांगों का समर्थन किया।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मोहरलाल, गोविंदा, उमाशंकर, मनोहर और गणेश यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि एचपीसी वेजेस और साप्ताहिक अवकाश को लेकर पहले भी कंपनी प्रबंधन और शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था।

उसी क्रम में सोमवार सुबह से मजदूरों ने आंदोलन शुरू किया था। लिखित आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।

बताया गया कि आंदोलन को रोकने के लिए ठेका कंपनी में काम करने वाले मजदूरों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से लेबर कॉलोनी के गेटों पर ताला लगा दिया गया था। इस कारण कई मजदूर आंदोलन स्थल तक नहीं पहुंच पा रहे थे। जब आंदोलनकारियों ने यह बात पुलिस और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी, तो पुलिस के हस्तक्षेप के बाद गेट खुलवाए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में मजदूर धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए।


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