सरगुजा

सीएचसी उदयपुर में नर्सिंग इंचार्ज पर उत्पीडऩ के आरोप, कर्मियों ने कलेक्टर से की हटाने की मांग
04-Feb-2026 11:18 PM
सीएचसी उदयपुर में नर्सिंग इंचार्ज पर उत्पीडऩ के आरोप, कर्मियों ने कलेक्टर से की हटाने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर/उदयपुर, 30 जनवरी। जिला सरगुजा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों ने नर्सिंग इंचार्ज तृप्ती प्रधान पर मानसिक उत्पीडऩ, अभद्र व्यवहार और ड्यूटी में भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

कर्मचारियों का आरोप है कि नर्सिंग इंचार्ज द्वारा स्टाफ के साथ लगातार बिना कारण डांट-फटकार की जाती है, अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है तथा ड्यूटी के दौरान अनावश्यक मानसिक दबाव बनाया जाता है। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और स्वास्थ्य केंद्र का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि नर्सिंग इंचार्ज द्वारा शिफ्ट ड्यूटी का निर्धारण समान रूप से नहीं किया जाता। कुछ कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट कम दी जाती है, जबकि कुछ पर लगातार ड्यूटी का बोझ डाला जा रहा है। इसी तरह अवकाश देने में भी पक्षपात का आरोप लगाया गया है, जहां कुछ कर्मचारियों को बार-बार छुट्टी दी जाती है और अन्य को लंबे समय तक बिना अवकाश के कार्य करना पड़ता है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि नर्सिंग इंचार्ज स्वयं मनमर्जी से अवकाश पर चली जाती हैं, लेकिन अन्य स्टाफ के अवकाश अनुरोध को समायोजित नहीं किया जाता। छोटी-छोटी बातों पर डांटना, रोक-टोक करना और कार्य के दौरान सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अब सामान्य बात हो गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसका असर मरीजों की सेवा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

सभी कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्सिंग इंचार्ज तृप्ती प्रधान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा किसी अन्य योग्य नर्सिंग स्टाफ को प्रभारी बनाया जाए, ताकि कर्मचारी बिना मानसिक दबाव के बेहतर ढंग से मरीजों की सेवा कर सकें।


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