सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 6 जून। प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने बंद पड़े सोलर पेयजल पंपों की मरम्मत तथा नए पंपों की स्थापना कर कई गांवों में पेयजल व्यवस्था को पुन: सुचारु किया है।
जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड सहित विभिन्न दूरस्थ ग्रामों में तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया गया। ग्राम करौटी-ए (परसापारा), कोलुहा भाटपारा एवं बैजानपाठ में नए मोटर पंप स्थापित कर सोलर पंपों को पुन: चालू किया गया, जिससे ग्रामीणों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है।
इसी प्रकार भैयाथान विकासखंड के दतिमा आमापारा इंद्रावास, कसकेला औरापारा तथा सूरजपुर विकासखंड के लटोरी कुशवाहापारा एवं मंजीरा फुलवारपारा में खराब सोलर पंपों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। वहीं चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के भाटपारा गांव में नया मोटर पंप स्थापित कर लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान किया गया। इससे विशेष रूप से पंडो समुदाय के परिवारों को राहत मिली है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी ग्रामीण को जल संकट का सामना न करना पड़े।
पेयजल व्यवस्था बहाल होने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें घर के समीप ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम से राहत मिली है।
ग्रामीणों के अनुसार यह पहल जनजातीय क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।


