सूरजपुर

दल से बिछड़े हाथी ने युवक को दौड़ाकर कुचला गुस्साए ग्रामीणों ने लाश रखकर किया चक्काजाम
16-Apr-2026 8:47 PM
दल से बिछड़े हाथी ने युवक को दौड़ाकर कुचला गुस्साए ग्रामीणों ने लाश रखकर किया चक्काजाम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

प्रतापपुर,16 अप्रैल। सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी, थाना जयनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कल्याणपुर से लगे जंगल में बुधवार शाम दल से बिछड़े हाथी ने एक युवक को दौड़ाकर कुचल दिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह कल्याणपुर चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। अधिकारियों की  समझाइश से ग्रामीण माने और मामला शांत हुआ।

मृतक की पहचान ग्राम कोटबहरा निवासी केशव भोय (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर घर लौट रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगल किनारे पहुंचते ही युवक का सामना हाथी से हो गया। जान बचाने के लिए वह भागा, लेकिन हाथी ने करीब 200 मीटर तक पीछा किया। इसके बाद उसे सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।  

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह कल्याणपुर चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग करीब एक घंटे तक जाम रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों ने वन विभाग पर हाथियों की गतिविधियों की पूर्व सूचना नहीं देने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण की जिम्मेदारी दी जाए।

 समझाइश से मामला शांत

सूचना मिलते ही एसडीएम शिवानी जायसवाल, एसडीओपी, पुलिस एवं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।

प्रशासन की ओर से तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता, शासन की ओर से 6 लाख रुपए मुआवजा, मृतक की पत्नी को वन विकास समिति में 6 हजार रुपए मासिक मानदेय पर रोजगार देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

लगातार बढ़ रही हाथियों की दहशत

क्षेत्र में इन दिनों हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है। पूर्व में भी हाथियों द्वारा फसलों और जान-माल को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की मूवमेंट की समय पर सूचना देने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं।


अन्य पोस्ट