सूरजपुर
पेसा कानून और संवैधानिक अधिकारों पर मंथन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 13 अप्रैल। जिला मुख्यालय स्थित गोंड समाज भवन में जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर एवं आदिवासी कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय आदिवासी अधिकार एवं सशक्तिकरण संभागीय शिविर का सोमवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शिविर में सरगुजा संभाग से आए 120 प्रशिक्षार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहा।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए टी.एस. सिंहदेव ने पेसा कानून की बारीकियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है, जब वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनके लिए संगठित रूप से आवाज उठाए। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह और आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष पावले के नेतृत्व की सराहना की और इसे सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
शिविर में एआईसीसी के वरिष्ठ प्रशिक्षक राहुल बल, नरेश राठौड़, अर्चना पोर्ते और आशिका कुजूर ने विभिन्न विषयों पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जनक राम ध्रुव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह, पूर्व आयोग अध्यक्ष शफी अहमद और पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही।
समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षार्थियों ने संकल्प लिया कि वे शिविर में प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर तक पहुंचाएंगे और आदिवासी समाज के सामाजिक व राजनीतिक उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


