सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 12 अप्रैल। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की आमगांव खुली खदान परियोजना अंतर्गत पटना गांव में प्रस्तावित डायवर्सन सडक़ निर्माण को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम रामानुजनगर अजय मोडियम की अध्यक्षता में पंचायत भवन पटना में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी और बेनतीजा समाप्त हो गई।
बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक (संचालन) जी.के. रॉय एवं क्षेत्रीय नोडल अधिकारी (एल एंड आर) विशाल अग्रवाल उपस्थित रहे। वहीं कांग्रेस नेता व जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े, पटना सरपंच विमला सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक जी.के. रॉय ने बताया कि खदान संचालन और सुरक्षा के लिहाज से सडक़ का डायवर्सन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगभग 600 मीटर भूमि पूर्णत: शासकीय है, जिसका आधिपत्य शासन से प्राप्त किया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे के हिस्से में दो निजी भूमि से जुड़ा मामला सिविल कोर्ट में लंबित है, जिसके निराकरण के बाद संबंधित पक्ष को मुआवजा एवं नौकरी प्रदान की जाएगी।
रॉय ने जानकारी दी कि पटना गांव की करीब 900 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसमें 90 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया जा चुका है। 464 भू-स्वामियों को नौकरी के लिए चिन्हित किया गया है, जिनमें से 200 से अधिक लोगों को अब तक रोजगार दिया जा चुका है।
बैठक में ग्रामीणों ने प्रबंधन के समक्ष अपनी शर्तें रखते हुए कहा कि हाल ही में दर्ज एफआईआर वापस ली जाए और निलंबित किए गए आठ कर्मचारियों को बहाल किया जाए, तभी सडक़ निर्माण पर सहमति बन सकती है। सरपंच सहित ग्रामीणों ने इस मांग पर जोर दिया।
इस पर एसडीएम अजय मोडियम ने स्पष्ट कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए कोयला खनन जरूरी है और खदान कार्य बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि मुआवजा या नौकरी को लेकर कोई शिकायत है तो ग्रामीण मौके पर रखें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सडक़ निर्माण कार्य सोमवार से प्रारंभ कराया जाएगा।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर प्रबंधन का पक्ष लेने का आरोप लगाया, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा। करीब दो घंटे तक चली बैठक में दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे और अंतत: कोई सहमति नहीं बन सकी।
गौरतलब है कि 7 अप्रैल को सडक़ डायवर्सन कार्य के दौरान आमगांव खदान के सब एरिया मैनेजर विजय कुमार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया था। इस घटना के बाद प्रबंधन ने पटना सरपंच समेत दर्जनभर लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी तथा आठ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।
बैठक में तहसीलदार मनहरण राठिया, एसडीओपी बी. कुजूर, थाना प्रभारी रामानुजनगर, प्रेमनगर सहित पुलिस बल और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


