राजनांदगांव
भाजपा पर वोट चोरी का आरोप, सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 21 मई। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के एसआईआर की सूची से राजनांदगांव के कई कांग्रेसियों का नाम गायब होने से नया राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है। कांग्रेसी नेताओं ने सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार पर वोट चोरी करने के इरादे से षडयंत्रपूर्वक सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया है। इस मामले का खुलासा कांग्रेसियों ने उस वक्त किया, जब कांग्रेस की बूथ स्तर पर एसआईआर के अवलोकन हेतु सदस्यों के नाम को वेबसाईड पर देखा गया। इस दौरान राजनांदगांव के कांग्रेसी नेता मेहुल मारू और उनकी धर्मपत्नी तथा शहर कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी नीतिन बत्रा और उनकी पत्नी का नाम नदारद पाया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस सचिव मेहुल मारू और उनकी पत्नी का नाम सूची में नहीं मिला। जबकि उनके परिवार के 4 सदस्यों का नाम सूची में दर्ज है। इसी तरह शहर कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी नीतिन बत्रा और उनकी पत्नी का नाम भी सूची से बाहर है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से जुड़े कुछ और नेताओं के परिवार के सदस्यों का नाम भी सूची से बाहर किया गया है।
इस संबंध में कांग्रेस नेता श्री मारू ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि एक साजिश के तहत कांग्रेस नेताओं का नाम सूची से हटाया गया है। श्री मारू ने कहा कि इससे कांग्रस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी करने के आरोपों को सही माना जा सकता है। उन्होंने बताया कि बूथ स्तर में टीम गठन को लेकर जब एसआईआर सूची को खंगाला गया, तब उनका और उनकी पत्नी का नाम नहीं मिला। इधर कांग्रेस ने आज जिला प्रशासन को उक्त मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेसी इस मुद्दे को लेकर केंद्र और भाजपा पर संगीन आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि एक निश्चित टारगेट कर विपक्षी दलों के मुखर नेताओं का नाम हटाया जा रहा है। इसके खिलाफ सडक़ में उतरकर आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, पदम कोठारी, रूपेश दुबे, विवेक वासनिक, चेतन भानुशाली, अशोक फडऩवीस, लक्ष्मण साहू, बाबा राठौर सहित अन्य कांग्रेसी शामिल थे।


