राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 7 मई। मुम्बई-हावड़ा रूट की तेज रफ्तार ट्रेनें घंटों देरी से चल रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री बेहाल है। भीषण गर्मी में रेल्वे स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म में मुसाफिर ट्रेनों का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
भारतीय रेल्वे की ओर से लगातार यात्रियों के समय का ख्याल रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इससे परे यात्रियों को रोजाना गंतव्य तक पहुंचने के लिए भीषण गर्मी का मार झेलते हुए ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। राजनंादगांव रेल्वे स्टेशन में यात्रियों के चेहरे में इंतजार के चलते मानसिक तनाव साफतौर पर देखा जा सकता है। गुरुवार को इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी करीब सवा दो घंटे की देरी से राजनांदगांव से रवाना हुई। बिलासपुर तक का सफर तय करने वाले यात्रियों को अपनी टिकट भी कैंसिल करानी पड़ी।
इसी तरह 12129 और 12130 आजाद हिंद एक्सप्रेस ने भी लेटलतीफी के चलते यात्रियों का दम निकाल दिया। अप दिशा की आजाद हिंद एक्सप्रेस करीब 8 घंटे देरी से चलने की खबर है। वहीं डाउन दिशा की यही ट्रेन भी 2 घंटे देरी से चल रही है। उधर मुम्बई-हावड़ा सुपरफास्ट मेल का समय भी पटरी से उतर गया है। यह ट्रेन 4 घंटे की देरी से मुम्बई की ओर जाने निकली। राजनांदगांव में इस टे्रन का समय सुबह 10 बजे है। जबकि समाचार लिखे जाने तक उक्त ट्रेन दोपहर 01 बजे की स्थिति में रायपुर से रवाना हुई। इसी तरह शालीमार से कुर्ला तक चलने वाली 18030 शालीमार एक्सप्रेस भी 3 घंटे देरी से राजनांदगांव से रवाना हुई।
बताया जा रहा है कि मुम्बई और कोलकाता के बीच चलने वाली ज्यादातर ट्रेनों का समय बिगड़ गया है। इसके पीछे उक्त रूट में नए पटरी बिछाने और अन्य तकनीकी कार्यों को एक वजह के रूप में बताया गया है। ट्रेनों की देरी से चलने का सीधा असर यात्रियों के कामकाज पर पड़ रहा है। वहीं गर्मी की छुट्टियों के लिए पहाड़ी इलाकों और अन्य दार्शनिक क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को स्टेशन में ही समय गुजारने के लिए विवश होना पड़ रहा है। बहरहाल लंबी दूरी की तेज गति में दौडऩे वाली टे्रनों का रफ्तार पर रेल्वे ने अलग-अलग वजहों से ब्रेक लगा दिया है। वहीं उत्तर भारत से जोडऩे वाली ट्रेनों की स्थिति भी समय-बेसमय हो गई है।


