राजनांदगांव
पूर्व सीएम ने कहा-सरकारी कर्मियों की इस सरकार में हालत पस्त
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 अगस्त। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कायम सरकारी कर्मचारियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी समर्थन मिल गया है। गुरुवार को पूर्व सीएम डॉ. सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन को पूर्ण रूप से न्यायोचित ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में कर्मचारियों की हालत पस्त है। सरकारी कर्मियों के संग युवा बेरोजगार भी सरकार की नीतियों से बुरे दौर से गुजर रहे हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि महंगाई भत्ता और गृृहभाड़ा बढ़ाने की मांग कर्मचारियों का हक है। उसे कुचलने का प्रयास कांग्रेस सरकार कर रही है। स्थानीय धरनास्थल में आंदोलनरत कर्मियों को संबोधित करते पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में केंद्र के समान कर्मचारियों को 34 प्रतिशत डीए प्रदान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस सरकार ने कर्मियों को उनकी जायज मांगों से दूर रखा है। पूर्व सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ग कांग्रेस सरकार से त्रस्त है। उनकी मांगों को तत्काल पूरा करने की डॉ. सिंह ने मांग की है।
इधर भूपेंद्र कांडे जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजस्व संघ ने कहा कि सरकार हमें देय तिथि से डीए एवं सातवें वेतनमान पर गृह भाड़ा भत्ता नहीं दे रहे हैं। उससे शासकीय सेवकों को कितना नुकसान हो रहा है विस्तार से बताया। महेश्वर प्रसाद साहू ब्लाक अध्यक्ष शिक्षक संघ ने कहा कि सरकार अपनी हठ धर्मिता को छोड़ कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करें। सीएल चंद्रवंशी जिला अध्यक्ष अजाक्स ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करें। अभिशिक्ता फंदियाल शिक्षिका ने कहा कि हमारे साथी बेवजह हड़ताल में नहीं जाना चाहते लेकिन सरकार हमें मजबूर कर रही है स महिलाएं भी अपने परिवार कोए अपने कामों को छोडक़र अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल है तो सरकार हमारी भावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए तत्काल हमारी मांगों को पूरा करे। भगवती गंभीर ने बांसुरी के माध्यम से ’कर चले हम फिदा साथियों गीत के धुन पर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फेडरेशन ने धरनास्थल पर ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को अपनी जायज मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। डॉ. सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की 2 सूत्रीय जायज मांगों को सरकार अति शीघ्र पूरा करें। उन्होंने आगे कहा कि फेडरेशन की मांग जायज है। मैं आपका नैतिक समर्थन करता हूं।
आंदोलन के विषय में फेडरेशन के महासचिव सतीश ब्यौहरे ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन द्वारा शांतिपूर्ण चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से राज्य शासन को समय-समय पर अपनी जायज मांगो के निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है, किन्तु राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में समाधान कारक निर्णय नहीं लेने के कारण प्रदेश के कर्मचारीगण, अधिकारीगण, पेंशनर्स प्रताडि़त हो रहे है।
इस दौरान धरना स्थल में खूबचंद पारख, लीलाराम भोजवानी, मधुसूदन यादव, प्रदीप गांधी, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, भरत वर्मा, नीलू शर्मा, कमल सोनी, आकाश चोपड़ा, भावेश बैद समेत अन्य लोग शामिल थे।


