राजनांदगांव
3200 मीट्रिक टन डीएपी की रेक होगी उपलब्ध
राजनांदगांव, 15 जून। खरीफ सीजन के लिए डीएपी की कृत्रिम संकट पैदा करने की दुकानदारों की कोशिश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों में छापामार कार्रवाई की। धान की बोनी के लिए किसान डीएपी की किल्लत का सामना करना रहे हैं। सोसायटियों में किसानों से डीएपी खाद के नाम पर अवैध वसूली की भी शिकायतें सामने आ रही है। लिहाजा कलेक्टर ने एक प्रशासनिक टीम को खाद दुकानों में निगरानी के लिए तैनात किया और इसी दौरान 3 दुकानों में दबिश देकर खाद जब्त किया। वहीं एक दुकान का लाईसेंस रद्द कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष भी सहकारी समितियों में यूरिया 25525.70 मीट्रिक टन, एसएसपी 4776 मीट्रिक टन, डीएपी 3687.30 मीट्रिक टन, एमओपी 2454.40 मीट्रिक टन एवं 12:32:16 11.90 मीट्रिक टन कुल 36463.50 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है व कृषकों को वितरण लगातार जारी है। डीएपी खाद की सर्वाधिक मांग को देखते प्रशासन द्वारा लगातार राज्य कार्यालय से समन्वय कर खाद भंडारण का प्रयास किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप आगामी 2-3 दिनों में जिले को लगभग 3200 मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक उपलब्ध हो जाएगी।
इसी बीच कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले के कृषकों को खाद की आवश्यकता को देखते निजी विक्रेताओं को कृषक हित में निर्धारित मूल्य में ही खाद विक्रय करने के निर्देश दिए हंै। साथ ही नियम विरूद्ध अधिक दर पर खाद विक्रय करने वाले दुकानदारों पर कठोर कार्रवाई के लिए सचेत भी किया गया है। उल्लेखनीय है। गत् वर्ष नियम विरूद्ध खाद विक्रय करने के दोषी पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत 17 दुकानदारों का खाद जब्ती 8 अनुज्ञप्ति निलंबन कर कार्रवाई किया गया था। इस वर्ष खरीफ 2022 में 3 दुकानदारों का खाद जब्ती एवं एक निजी विक्रेता का अनुज्ञप्ति निलंबन किया गया है।


