रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 अप्रैल। कस्टम मिलिंग में देरी पर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने नाराजगी जताई है। इस कड़ी में 74 राइस मिलर्स को नोटिस जारी किया गया है, और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम, और नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति पर समीक्षा की गई।
कस्टम मिलिंग के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्यवाही करने तथा मिल पंजीयन को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बैठक में सरकार द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कहा गया कि अनुबंध के खिलाफ उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है।
चर्चा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 1 मई से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। अपर कलेक्टर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


