रायपुर
प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शनिवार को दीनदयाल प्रशिक्षण महाभियान की प्रांतीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वा, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव , प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ नवीन मार्कंडेय, मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय सहित पदाधिकारी एवं प्रशिक्षण महाभियान टोली मौजूद।
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के बस्तर और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में हो रही विदेशी फंडिंग तथा धर्मांतरण के गंभीर मुद्दों पर बड़ा खुलासा कर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। श्री पाण्डेय ने बताया कि विदेशी बैंकों के दर्जनों डेबिट कार्ड्स के जरिए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में करोड़ों रुपये खपाए जा रहे हैं। श्री पाण्डेय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से मुखातिब थे।
पाण्डेय ने बताया कि अकेले एक साल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से 95 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों में साढ़े छह करोड़ रुपए के संदिग्ध खर्च सामने आए हैं। टीटीआई जैसी संस्थाएँ ईसाई मिशनरियों के लिए काम कर रही हैं, जिन्हें विदेशों से भारी आर्थिक मदद मिल रही है। श्री पाण्डेय ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल ने जानबूझकर केंद्रीय जाँच एजेंसियों पर प्रतिबंध लगाए और जाँच से बचते रहे ताकि यह नेटवर्क फलता-फूलता रहे। श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के करीबी लोगों के तार इन बाहरी ताकतों से जुड़े रहे हैं।
श्री पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा एफसीआरए (फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) में किए गए संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विदेशी पैसा सीधे दिल्ली के एक विशेष एसबीआई बैंक खाते में आता है, जिससे उसकी निगरानी संभव हो पाई है। सरकार ने उन सभी आर्थिक स्रोतों को बंद किया है जिसका इस्तेमाल देशविरोधी ताकतें और धर्मांतरण कराने वाले संगठन करते थे।


