रायपुर

खाद की किल्लत के बीच खरीफ के लिए नीले-हरे शैवाल,जैव उर्वरकों का सहारा
20-Apr-2026 8:58 PM
खाद की किल्लत के बीच खरीफ के लिए नीले-हरे शैवाल,जैव उर्वरकों का सहारा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 अप्रैल। सरकार खरीफ फसल के लिए रासायनिक खाद की बड़ी किल्लत से जूझ रही है। इसे देखते हुए कृषि उत्पादन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था तेज कर दी है।

विभाग ने इस माह के शुरू में ही कह दिया था कि पश्चिम एशिया, विशेषकर ईरान में पिछले एक माह से जारी संघर्ष के मद्देनजऱ पेट्रोलियम उत्पादों तथा उर्वरक निर्माण में प्रयुक्त आवश्यक कच्चे माल के आयात में बड़े व्यवधान की आशंका उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति के कारण निकट भविष्य में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना है। सरकार अब हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वकों  के उपयोग को बढ़ावा देगी। इस किल्लत और वैकल्पिक उपाय को लेकर

प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, श्रीमती शहला निगार,  संचालक खाद्य एवं आपूर्ति,डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी के साथ तेल कंपनियों के छत्तीसगढ़ समन्वयक नितिन चवान ने पत्रकारों से चर्चा की।

श्रीमति निगार ने बताया प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए राज्य सरकार ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की कि है। इसके लिए 15.55लाख टन मांग  पर  लगभग 8.72तन का भंडारण किया जा चुका है।

इस वर्ष खरीफ के लिए 15.55 लाख टन उर्वरक मांग का ऑकलन किया गया है तथा 17 अप्रैल तक 8.72 लाख टन लगभग 56 प्रतिशत का भंडारण करा लिया गया है।

प्रदेश की सहकारी समितियों से ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सहकारी क्षेत्र में 4.83 लाख टन का भंडारण करा लिया गया है।

 उन्होंने बताया एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा कई पहल किये गये हैं। विभाग द्वारा हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 22 हजार है. में प्रदर्शन की योजना तैयार की गई है। हरी खाद ना सिर्फ नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है बल्कि इसका बायोमास सडक़र मिट्टी की संरचना मे सुधार भी करता है।

एलपीजी सप्लाई सामान्य

स्टेट लेवल को-ऑर्डिनेटर, नितिन चवान ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में लगातार फ्य़ूल सप्लाई बनाए रखी है। कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी है और सिलेंडर की डिलीवरी नॉर्मल तरीके से जारी है। अभी छत्तीसगढ़ राज्य में इंडस्ट्री के हिसाब से रोज़ाना लगभग 5000-एलपीजी सिलेंडर डिलीवर कर रही हैं,  छत्तीसगढ़ राज्य में क्कस् ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के 05  बॉटलिंग प्लांट के साथ काफ़ी बॉटलिंग कैपेसिटी मौजूद है। घरेलू एलपीजी के अलावा, राज्य सरकार की कड़ी निगरानी में अलग-अलग सेक्टर को गाइडलाइन के हिसाब से कमर्शियल एलपीजी भी दी जा रही है। 5 किलो सिलेंडर भी दे रही हैं। उन्होंने बताया गैस एजेंसियों में मारे गए 418 छापों में 3946 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 105 एफआईआर की गई है। 


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