रायपुर

वेदांता हादसा औद्योगिक सुरक्षा की गंभीर लापरवाही, न्यायिक जांच हो
17-Apr-2026 10:04 PM
वेदांता हादसा औद्योगिक सुरक्षा की गंभीर लापरवाही, न्यायिक जांच हो

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 17 अप्रैल। वेदांता पॉवर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजीव भवन प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा कि राज्य में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही हो रही है।

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सक्ती में तीन दिन पहले हुए इस बड़े हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई और 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हो रही हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद हर तीन महीने में कोई न कोई बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आ रहा है। पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के जांच दल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से बातचीत की। जांच के दौरान मौके पर भयावह स्थिति देखने को मिली और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।

उन्होंने कहा कि बंद पड़े एथेनॉल प्लांट को वेदांता ग्रुप ने खरीदा था और करीब एक साल पहले इसे फिर से शुरू किया गया। लंबे समय से बंद प्लांट को चालू करने से पहले पूरी तरह से कमीशनिंग और तकनीकी जांच जरूरी होती है, लेकिन मौके पर मशीनों में जंग और कई पार्ट्स खराब हालत में मिले। जांच दल को वहां नए पार्ट्स भी नजर नहीं आए।

न्यायिक जांच कराए सरकार- महंत

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देने से दुर्घटनाएं हो रही। बहुत सामान्य धाराओं में एफआईआर हुआ है, जो कि जमानतीय है। 20 से अधिक लोग मरे है, दोषी पर केवल जमानतीय धारा लगाई गयी है। हमारी मांग है सदोष मानव वध की धारा लगाई जाये। सरकार बड़े उघोपतियो के सामने नतमस्तक है। घटना की हम सरकार की जांच की घोषणा से संतुष्ठ नही है। इतनी बड़ी घटना की जांच एसडीएम कर रही है। हम मांग करते है हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराई  जाये। यह प्लांट मंत्री ओपी चौधरी के घर से 5 किलोमीटर दूर  पर हैं, वे ताकतवर मंत्री हैं, कभी उन्होंने कंपनी की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। पहले लापरवाही से दुर्घटना और जांच की लापरवाही है। 3 वर्ष में 256 लोग दुर्घटना शिकार हुये। सारी घटनाये भाजपा सरकार के दौरान ही हो रही। दुर्घटना सरकार की लापरवाही और अनुभवहीन लोगो के कारण हो रही है। पहले भी इसी वेदांता समूह के बॉल्को में 40 लोगो की मौत हुई? यहां भी 20 लोगो की मौत हुई है, यह प्रबंधन की लापरवाही है। ज्यादा मुनाफा कमाने प्रबंधन ने चीनी सामान का तथा विदेशो के कबाड़ लाकर फैक्ट्री बनाया। गलत तथा खराब मशीनरी के उपयोग के कारण दुर्घटना हुई है।

महंत की मांग

दोषियो पर 105 वीएनएस की धारा लगाई जाये,।

हाईकोर्ट से वर्तमान जज जांच कराई जाये।

उद्योग विभाग की तकनीकी टीम घटना के तकनीकी पहलू की जांच करे, सुरक्षा जांच हो।

घायलो को मुंबई, कोयम्बटूर जैसे बड़े संस्थानो के वर्न यूनिट में ईलाज कराया जाये।

 डॉ.  महंत ने इस घटना से सीख लेकर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक दुर्घटना से गंभीर  घायलो के इलाज के लिए सर्वसुविधायुक्त बर्न हास्पिटल बनाने की मांग मुख्यमंत्री से किया है।


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