रायपुर

खुद ड्राइव कर आफिस पहुंचे अफसर, तो पानी पिलाने वाले भी नहीं थे
07-Jul-2023 6:30 PM
खुद ड्राइव कर आफिस पहुंचे अफसर, तो पानी पिलाने वाले भी नहीं थे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 7 जुलाई। पीएम नरेंद्र मोदी के आने की वजह से  रायपुर कलेक्टोरेट छोडक़र आज पूरे  छत्तीसगढ़ में स्कूल, कार्यालयों में ताले लटके रहेंगे। मंत्रालय से लेकर संचालनालय तक सूने पड़े रहेंगे।  ड्राइवर, भृत्य से लेकर पांच लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस वजह से साहब लोगों को स्वयं गाड़ी चलानी पड़ी, और आफिस में बेल बजने पर पानी पिलाने वाला नहीं था। पहली बार छत्तीसगढ़ में एक साथ 145 संगठनों ने मिलकर हड़ताल की घोषणा की है। संयुक्त फोरम के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि नया रायपुर तूता में राजधानी के अधिकारी /कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे।

दरअसल छत्तीसगढ़ के कर्मचारी लंबे समय से केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ाया है, बावजूद छत्तीसगढ़ के कर्मचारी केंद्र सरकार की तुलना में अभी भी 4 प्रतिशत पीछे हैं। अब कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार ना तो एरियर्स की राशि दे रही है और ना ही केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता दे रही है। हालांकि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, तो यही उम्मीद थी कि कर्मचारी संगठन अपना हड़ताल स्थगित कर देंगे, लेकिन कर्मचारी संगठन नहीं माने। राज्य सरकार को प्रति वर्ष एक हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इधर विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भर में संविदा और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा कर दिया है। जिसने मुश्किलें बढ़ा दी है।

प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा का दावा है कि आंदोलन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी मोर्चा में रजिस्टर्ड 145 संगठनों के करीब 6 लाख से ऊपर कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और सभी शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के अंतर्गत 3 लाख 50 हजार कर्मचारी आते हैं, तो वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले बड़े संगठन में मनीष मिश्रा, संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन संगठन प्रमुख हैं। जिसमें 2 लाख से ऊपर कर्मचारी हैं। इसके अलावा मंत्रालय कर्मचारी संघ में 2400, संचालनालय कर्मचारी संघ में5500, जिला स्तर के कार्यालय में 15 हजार कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। इस हड़ताल में अनिल शुक्ला के नेतृत्व वाला कर्मचारी अधिकारी महासंघ भी शामिल होगा। साथ ही न्यायिक कर्मचारी संघ का समर्थन मिलने पर न्यायालय के कामकाज भी प्रभावित होने के आसार हैं।

नेतृत्व वाला कर्मचारी अधिकारी महासंघ भी शामिल होगा। साथ ही न्यायिक कर्मचारी संघ का समर्थन मिलने पर न्यायालय के कामकाज भी प्रभावित होने के आसार हैं।


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