रायपुर
रायपुर, 6 जुलाई। शा. पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय में 5 जुलाई को आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ के द्वारा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे का व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधी जटिल प्रक्रियाओं से शोधरत प्राध्यापकों / सहायक प्राध्यापकों एवं शोध अध्येताओं को तकनीकी मार्ग दर्शन एवं प्रोत्साहन देना था।
छत्तीसगढ़ में नए उद्यमियों एवं नवाचार के उपलब्धियों को संपदा अधिकार की जानकारी न होने के कारण इनके शोध का सम्यक लाभ इन्हें नहीं मिल पाता है। इस तरह के व्याख्यान से शोध परिणाम के साथ-साथ पेटेंट लाभ भी राज्य के शोधकर्ताओं को मिलेगा तथा नए उपक्रमों को नई दिशा मिलेगी।
डॉ. दुबे ने महाविद्यालय में चल रहे विभिन्न शोध गतिविधियों की सराहना की, साथ ही एमओयू की भी पहल की। इससे पहले प्राचार्य डॉ. शबनूर सिद्दीकी ने डॉ. दुबे का स्वागत पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी. नाग भार्गवी, आईक्यूएसी समन्वयक ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुषमा मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।


