रायपुर

कवर्धा के एएलओ निलंबित, सेवा काल के शुरूआती समय से विवादों में रहे हैं
29-Jun-2023 7:55 PM
कवर्धा के एएलओ निलंबित, सेवा काल के शुरूआती समय से विवादों में रहे हैं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 29 जून। कवर्धा के जिला श्रम पदाधिकारी शोएब कॉजी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित किया है। श्रम विभाग के अपर सचिव राकेश साहू ने गुरूवार को आदेश  जारी किया है।

शोएब कॉजी के संबंध में कलेक्टर कवर्धा से प्राप्त जांच प्रतिवेदन अनुसार च्च्ठेकेदारों को प्रतिभूति राशि वापस नहीं करने, लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किए जाने एवं शासन की योजनाओं में अनुचित तरीके से लेन-देन करने का दोषी पाया गया।

आदेश में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-(तीन) का उल्लंघन करने के फलस्वरूप शोएब काज़ी, श्रम पदाधिकारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित किया है। शोएब काजी, श्रम पदाधिकारी के निलंबन फलस्वरूप इनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर होगा। निलंबन अवधि में अपचारी अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

 विभागीय अधिकारियों के अनुसार शोएब, अपने सेवा काल के शुरूआती समय से विवादों, और सेवा आचरण संहिता के विपरीत कार्यरत रहे हैं। चयन के बाद उनकी पहली परीविक्षावधि पोस्टिंग बस्तर के एक जिले में हुई। जहां उन्हें दो वर्ष रहना था लेकिन उससे पहले ही भाजपा शासन काल में तबादला करवा कर राजधानी के दफ्तर में आ गए। इसे अनुशासनहीन बता कलेक्टर ने शोएब के खिलाफ सीएस को रिपोर्ट भेजा था।

शोएब बिना रिलीवर गए  बस्तर से आ गए। उन्हें ,पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े के करीबी के रूप में गिना जाता रहा। इसके तहत वे विभाग में दबदबा बनाए रखने में कोई कमी नहीं रखा। उसी दौरान एक श्रम दिवस पर राजधानी के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर आयोजित सीएम रमन सिंह के कार्यक्रम में  मौजूद न रहने पर भी कलेक्टर ने कार्रवाई की थी।एएलओ, रायपुर में एलओ अनिता गुप्ता को पदभार न देने का मामला भी चर्चित रहा है।

इसी दौरान कार्यकाल के दौरान शोएब एक महिला कर्मी (प्लेसमेंट एजेंसी) के उत्पीडऩ का दोषी पाए गए ।  उनके साथ दो और कर्मी जयपाल निराला और देवीप्रसाद (प्लेसमेंट) भी शामिल थे। विशाखा कमेटी ने इन्हें भी दोषी पाया था । शोएब, जयपाल पर कार्रवाई की और देवीप्रसाद को निकाल बाहर किया गया था । शोएब, निराला ने कोर्ट से स्टे लिया। और उसके बाद से कवर्धा में पदस्थ किए गए थे।


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