रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 29 अक्टूबर। जिले में बीती रात हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। गाँव में हाथी आने के बाद ग्रामीण युवक उसे भगाने गया था, इसी दौरान यह घटना घटित हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मामला धरमजयगढ़ वन मंडल का है।
मिली जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दुलियामुडा गाँव में बीती रात 9 बजे एक हाथी गाँव के करीब पहुंच गया था, जिसके बाद गाँव के ग्रामीण हाथी को बस्ती से दूर भागने के प्रयास में जुट गए थे, इसी बीच हाथी ने गाँव के एक ग्रामीण वेदराम कंवर (35) को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया, यह घटना राजा जंगल के करीब घटित हुई है।
वन विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि रात करीब सवा 9बजे घटना की जानकारी मिलने के विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों के सुपुर्द करते हुए पश्चात सहायता राशि दी जाएगी।
धरमजयगढ़ क्षेत्र के हाथी प्रभावित इलाकों में वन विभाग के आलावा हाथी मित्र दल के सदस्य गाँव-गाँव पहुंच कर हाथी मानव द्वन्द को रोकने लगातार ग्रामीणों को जागरूक करते आ रहे हैं, और किसी भी हाल में हाथी के करीब नहीं जाने की अपील की जाती है, इसके बाद लापरवाही के कारण इस तरह की घटना घटित हो रही है।
हाथी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जा जाता है कि कुछ शरारती तत्व शराब के नशे में हाथियों को खदेडऩे उनके करीब तक पहुंच जाते हैं, पिछले दिनों कुछ ग्रामीणों के द्वारा हाथियों के दल को पत्थर मारकर भागने का वीडियो के आलावा ट्रैक्टर से हाथियों को भागने का भी वीडियो सामने आ चुका है।
आदिवासी नेता महेन्द्र सिदार ने कहा कि सरकार से अब हमारी समस्या की समाधान करवा के रहेंगे, हमारी समाजिक रणनीति बन रही है, हमारी मांग है कि जनहानि में 50 लाख मुआवजा राशि एवं परिवार के सदस्य को एक सरकारी नौकरी, एवं सरकार के तय अनुसार फसल मुआवजा राशि मिले। हम 11 नम्बर को छाल तहसील घेराव एवं 15 नवम्बर को धर्मजयगढ़ में अपनी रैली कर सरकार तक अपनी विचार सुझाव पहुंचाएंगे।


