रायगढ़

रायगढ़ में 190 जोड़ों का सामूहिक विवाह
11-Feb-2026 9:29 PM
रायगढ़ में 190 जोड़ों का सामूहिक विवाह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 11 फरवरी। छत्तीसगढ़ के इतिहास में कल का दिन सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की दृष्टि से स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में एक साथ 6 हजार 414 जोड़ों ने विवाह कर नए जीवन की मंगल शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहे।

इसी क्रम में रायगढ़ जिले के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 190 जोड़े विधि-विधानपूर्वक वैवाहिक बंधन में बंधे। पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रीति-रिवाजों और मांगलिक वातावरण से पूरा पंडाल गूंज उठा, जहां हर ओर खुशियों, उल्लास और नए सपनों की शुरुआत का दृश्य देखने को मिला।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का विषय है, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विवाह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व में बेटी की शादी गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चिंता का कारण होती थी, जहां कर्ज लेना, जमीन बेचना या वर्षों तक आर्थिक बोझ उठाना मजबूरी बन जाता था।  उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आमजन की भावनाओं को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना को प्रदेश में लागू किया, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली और बेटियों की शादी की चिंता काफी हद तक दूर हुई।

उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत में जहां प्रति जोड़े मात्र 5 हजार रुपये की सहायता राशि निर्धारित थी, वहीं आज रजत जयंती वर्ष 2025 में यह बढक़र 50 हजार रुपये हो चुकी है। कार्यक्रम के दौरान सभी नवदंपत्तियों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया, ताकि वे अपने नए जीवन की आवश्यकताओं को आत्मसम्मान के साथ पूरा कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल दो वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को धरातल पर उतार दिया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ भी किया, जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 8 जिलों से की गई है।


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