महासमुन्द

बिना मान्यता निजी स्कूल संचालित, बांट रहे फर्जी अंकसूची, डीईओ पर सरंक्षण का आरोप, शिक्षा सचिव को शिकायत
09-Mar-2026 4:34 PM
बिना मान्यता निजी स्कूल संचालित, बांट रहे फर्जी अंकसूची, डीईओ पर सरंक्षण का आरोप, शिक्षा सचिव को शिकायत

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुन्द, 9 मार्च। जिले में बगैर मान्यता प्राप्त किये नर्सरी से आठवीं तक की कक्षा संचालित हो रही है, जिससे शिक्षा तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मामला जिले के ए.के.स्मार्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल बिजेमाल सांकरा का मामला है।

आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को भेजे अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि उक्त निजी स्कूल बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है, फिर भी मौजूदा जिला शिक्षा अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण दे रहे हैं।

शिकायत में कहा गया है कि स्कूल द्वारा विद्यार्थियों को अंकसूची और स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिनकी वैधता पर गंभीर सवाल है। आरोप है कि यदि स्कूल को विभाग से मान्यता ही प्राप्त नहीं हैं तो विद्यार्थियों को जारी किए गये जा रहे दस्तावेज कहीं फर्जी तो नहीं।

यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि कूटरचना, धोखाखड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे अपराधिक कृत्यों की श्रेणी में आ सकता है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में पूर्व में लिखित शिकायत और साक्ष्य विभाग को सौंपे गये थे। तत्कालीन डीईओ मोहन राव सावंत ने विभागीय स्तर पर जांच करके इस स्कूल को बंद करने एवं 50 हजार रुपए के आर्थिक दण्ड व इसके बाद भी स्कूल संचालित करने पर प्रतिदिन 2 हजार रुपए  के हिसाब में आर्थिक दण्ड लगाने का आदेश भी जारी किये हैं। लेकिन इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी रखा है। इससे वर्तमान डीईओ विजय लहरे की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल अनुविभागीय अधिकारी(रा) पिथौरा ने इस ए.के.स्मार्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल बिजेमाल संचालन हेतु अनिवार्य मूलभूत संसाधनों में कमी पाते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया, जिससे संचालक ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर किया।

हाईकोर्ट ने इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी को जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। सूत्रों के अनुसार ये स्कूल जिस भूमि पर संचालित है, उक्त भूमि विवादित है। जिसमें कई हिस्सेदार हैं। सभी लोगों ने सहमति नहीं दी है, बल्कि कईयों ने विरोध दर्ज किये हैं। जिस कारण अनुविभागीय अधिकारी(रा) पिथौरा ने इस स्कूल संचालक को अवैध कब्जा से बेदखली करके वास्तविक भूमि स्वामियों को जमीन सौंपने का आदेश दिया है।


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