महासमुन्द

रिकॉर्ड में दस्तावेज उपलब्ध नहीं-पटवारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 23 सितंबर। जिले के सरायपाली ब्लॉक में ग्राम पंचायत बिजातीपाली के आश्रित ग्राम तिलाईपाली स्थित है। यहां निवासी एक किसान अपने माता-पिता के मौत के बाद फ ौटी कटवाने विगत 6 वर्षों से तहसील ऑफिस का चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके माता-पिता का फौती नहीं कट रहा है। फौती नहीं कटने के कारण पुरखौती जमीन से शासन की योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। यहां तक का उक्त जमीन में उपजे फसल को भी वह खरीदी केन्द्र में नहीं बेच पा रहा है। उल्टा 6 वर्ष पूर्व आवेदक के पिता के द्वारा लिए गए लोन की राशि चुकाने उन्हें नोटिस थमाया जा रहा है।
ग्राम तिलाईपाली के किसान रामाधर चौहान पिता राघु चौहान ने बताया-मेरे पिताजी 1991 से वन विभाग की जमीन पर काबिज थे। साल 2010 में राजस्व विभाग की ओर से खसरा नंबर 643 रकबा 2.02 हेक्टेयर जमीन का राघु पिता बोधराम के नाम पर ऋण पुस्तिका दिया गया। इसी तरह मेरे नाना नम्मू के नाम पर भी खसरा नंबर 642 रकबा दो हैक्टेयर का ऋण पुस्तिका राजस्व विभाग से मिला। मेरे नाना नम्मू के मृत्यु उपरांत मेरी नानी बेद कुंवर और बेदकुंवर की मृत्यु के बाद मेरी मां सेतकुंवर पिता नम्मू के नाम पर जमीन आ गई। मेरी मां सेतकुंवर और पिता रघु की 2018 में मौत हो गई।
उन्होंने बताया-इसके बाद मैं अपनी मां सेतकुंवर की जमीन का फौती कटवा जमीन अपने नाम करवाने के लिए तहसील ऑफिस का चक्कर लगा रहा हूं। फौती नहीं कट रही है। इसलिए शासन की योजनाओं का लाभ मुझे नहीं मिल रहा है। उक्त जमीन पर मैं रामाधर फसल तो बो रहा हूं लेकिन धान खरीदी केंद्रों में फौती नहीं कटने से पंजीयन नहीं हो पाने के कारण धान बेचने से वंचित हूं। मजबूरी में अपनी उपज को बाजार में कम दामों में बेचता हूं। इसके अलावा केंद्र सरकार के द्वारा किसानों को दिए जाने वाले सम्मान राशि का भी लाभ मुझे नहीं मिल रहा है। उपयोगी कामों के लिए खाद, बीज, दवाईयां भी समिति से नहीं मिलती। यहां तक का केसीसी लोन भी मुझे नहीं मिल रहा है। मालूम हो कि पटवारी द्वारा उन्हें हस्तलिखित बी वन खसरा भी प्रदान किया गया है, लेकिन ऑनलाइन बी वन, खसरा पटवारी द्वारा ऋण पुस्तिका जारी होने के 14 साल बाद भी नहीं मिला है।
इस संबंध में हल्का पटवारी दिनबंधु सिदार से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में ही उनके जमीन का रिकॉर्ड नहीं दिख रहा है। जिसके कारण फ ौती नहीं कट रही है। इसकी जानकारी तहसीलदार को भी दी गई है। उनसे मार्गदर्शन भी मांगा गया है। जमीन के दस्तावेज आवेदक के पास ही है। लेकिन रिकॉर्ड में दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। उक्त जमीन का पुराना रिकॉर्ड प्राप्त होने पर ही फ ौती क टेगी।