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महासमुंद के नानक सागर में पहुंचने लगे दर्शनार्थी, पूर्णिमा के दिन सामूहिक शबद कीर्तन
15-Dec-2021 10:11 PM
महासमुंद के नानक सागर में पहुंचने लगे दर्शनार्थी, पूर्णिमा के दिन सामूहिक शबद कीर्तन

गांव की 2 हेक्टेयर जमीन गुरुनानक देव के नाम सैकड़ों साल पहले से दर्ज

अब जिला, प्रदेश मुख्यालय से बस सुविधा की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
  पिथौरा, 15 दिसंबर।
जिले के गढफ़ुलझर क्षेत्र के नानक सागर ग्राम में सिखों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देवजी के दो दिन रुकने के प्रमाण मिलने की बात सार्वजनिक होने के बाद से ही उक्त ग्राम में दूर-दूर से सिख परिवारों का दर्शनार्थ पहुंचना जारी है। अब ग्राम में चहल-पहल बढऩे से ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय महासमुंद एवं रायपुर से नानकसागर तक बस सेवा प्रारम्भ करने की मांग की है।

गढफ़ुलझर क्षेत्र में श्री गुरुनानक देव जी के दो दिन रुकने की जानकारी के संबंध में पड़ताल कर रहे रिंकू ओबेरॉय ने बताया कि सिख धर्म ग्रंथ में गुरु के छत्तीसगढ़ यात्रा के संबंध में उल्लेख तो है परन्तु इस स्थान के बारे में सिख समुदाय अनभिज्ञ था। परन्तु क्षेत्र के बंजारा समुदाय के लोगों को इस बात की जानकारी थी वे समय-समय पर नानक सागर में एकत्र होकर मूर्ति पूजा करते रहे हैं। इसकी जानकारी रायपुर निवासी एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी रिंकू ओबेरॉय को होते ही उन्होंने एक मिशन की तरह गढफ़ुलझर के युवा हरजिंदर सिंह हरजु एवम महिपाल सिंह जटाल के साथ मिलकर क्षेत्र के मिसल रिकॉर्ड एवम पटवारी रिकॉर्ड निकलवा कर देखा तो वे भी चौंक गए, क्योंकि उक्त 2 हे. कृषि भूमि श्री गुरुनानक देव जी के नाम थीं।

ग्राम के कुछ बुजुर्गजनों सहित पूर्व सरपंच सुवर्धन प्रधान, गढफ़ुलझर निवासी पूर्व राज्य मंत्री चंद्रशेखर पाड़े, नानक सागर की सरपंच रेणुका बंधु, ग्राम प्रमुख श्याम लाल प्रधान ने बताया कि नानक सागर ग्राम के बारे में उनके पूर्वज बताया करते थे कि यहां नानक सागर ग्राम के बीच स्थित एक स्थान पर श्री गुरुनानक देव जी ने दो दिन विश्राम किया था। इस दौरान उनके उपदेश से तत्कालीन भैना राजा इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने नानक के नाम ग्राम की कोई 5 एकड़ कृषि योग्य भूमि कर दी थी जो कि आज भी विद्यमान है।

बस सुविधा की मांग
नानक सागर में श्री गुरुनानक देव जी के रुकने के प्रमाण मिलते ही अब यहां दर्शनार्थ आने वाले सिख परिवार जनों का तांता लगने लगा है। इसको ध्यान में रखते हुए ग्राम सरपंच सहित पूर्व सरपंच रेणुका बंधु, सुवर्धन प्रधान पूर्व राज्यमंत्री चंद्रशेखर पाड़े, भाजपा नेता हरजिंदर सिंह हरजु, कांग्रेस नेता महिपाल सिंह, ने जिला मुख्यालय एवम प्रदेश मुख्यालय से इस तीर्थ स्थल को जोडऩे की मांग प्रदेश शासन से की है।

समीप स्थित रमचंडी मंदिर समिति के अध्यक्ष कमल चंद प्रधान ने बताया कि इस क्षेत्र में स्थित रमचंडी मंदिर गढफ़ुलझर का गढ़ देखने पूर्व से लोग आते रहे हैं। अब नानक सागर में भी दर्शनार्थियों के निरंतर पहुंचने से आवागमन सुविधा हेतु बस की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

पूर्णिमा को होगा शबद कीर्तन
इधर नानक सागर के तीर्थ के रूप में विख्यात होते ही प्रदेश भर की सिख जनों के लिए महीने में एक दिन प्रत्येक पूर्णिमा को शबद कीर्तन धार्मिक मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के लोग दर्शनार्थ एकत्र हो सकेंगे।
 


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