महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 9 फरवरी। पिथौरा वन परिक्षेत्र के ग्राम बगारपाली के जंगल के कक्ष क्रमांक 211 और 212 में वन विभाग को अब तक 10 जंगली सूअरों के शव बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये सूअर शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में फंसने से मरे होने की आशंका जताई जा रही है। सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में सर्च अभियान और मामले की जांच जारी है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बगारपाली जंगल में बड़ी संख्या में जंगली सूअरों की मौत की सूचना मिलने के बाद अधिकारी जांच में जुट गए हैं। पहले चरण में डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद आसपास के गांवों के कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। वन विभाग की टीम द्वारा जंगल में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 10 जंगली सूअरों के शव मिट्टी में दबे हुए पाए गए हैं। सभी शवों को निकालकर विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया और नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
वन कर्मियों ने ही दफनाये थे सूअरों के शव
मामले की जांच के दौरान दो वनकर्मियों ने अधिकारियों के समक्ष स्वीकार किया कि जंगल में एक साथ कई जंगली सूअरों के शव देखकर वे घबरा गए थे और इसी कारण उन्होंने शवों को गड्ढा खोदकर दफना दिया था। वन विभाग अब आरोपियों की पहचान के साथ-साथ शव दफनाने वाले वनकर्मियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
शीघ्र पकड़े जाएंगे आरोपी- रेंजर
परिक्षेत्र अधिकारी एस.आर. निराला ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया जहरखुरानी का प्रतीत हो रहा है, जिसके कारण एक साथ इतनी संख्या में जंगली सूअरों की मौत हुई हो सकती है। उन्होंने कहा कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


