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नई दिल्ली, 4 जून। दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगी इमारत में फंसे लोगों की मदद के लिए एक सिक्योरिटी गार्ड आगे आया, जिसने बिना किसी ट्रेनिंग और आधिकारिक जिम्मेदारी के कई लोगों की जान बचाई। मैक्स अस्पताल, साकेत के सिक्योरिटी गार्ड वसीम रजा ने आग लगने के बाद खुद को बचाव कार्य में झोंक दिया और कम से कम सात लोगों की जान बचाई।
3 जून की सुबह मालवीय नगर के Flourish Stay B&B नामक गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई थी। इमारत में मोटा धुआं भर गया था और कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए थे। कुछ लोग खिड़कियों से लटक रहे थे, जबकि कई की सांसें रुक चुकी थीं।
इसी दौरान वसीम रजा, जो पास के मैक्स अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं, आग लगने की खबर सुनते ही मौके पर पहुंच गए। वे न तो फायर ब्रिगेड के सदस्य थे और न ही किसी बचाव दल का हिस्सा। फिर भी उन्होंने तुरंत कार्रवाई की।
वसीम रजा ने इमारत के लोहे के जाल काटने के लिए औजार जुटाए, खिड़कियों के ग्रिल काटे और लोगों को बाहर निकालने में मदद की। इसके अलावा उन्होंने इमारत के सामने सड़क पर गद्दे और चादरें बिछाने में भी अहम भूमिका निभाई, ताकि ऊपर से कूदने वाले लोग सुरक्षित गिर सकें। साथ ही बेहोश हो चुके कई लोगों को बाहर निकाला और उन पर CPR भी किया।
वसीम रजा ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि लोग खिड़कियों से लटक रहे हैं और धुआं इतना घना हो गया है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था, तो वे चुपचाप खड़े नहीं रह सके।
आग में कुल 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने भी बचाव कार्य में मदद की, लेकिन वसीम रजा की सक्रिय भूमिका को विशेष रूप से सराहा जा रहा है।
मैक्स अस्पताल प्रशासन ने भी वसीम रजा के साहस की सराहना की है।
(द बेटर इंडिया, और कुछ प्रमुख समाचार स्रोतों से ग्रोक से लिखवाया गया)


