ताजा खबर

घर से उठाकर गला रेत दिया, नक्सल हत्या के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
02-May-2026 11:26 AM
घर से उठाकर गला रेत दिया, नक्सल हत्या के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 2 मई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नक्सली हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल लंबे समय से जेल में होना जमानत का आधार नहीं बन सकता।

यह मामला बीजापुर जिले के तोयनार थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2022 में नक्सलियों द्वारा एक व्यक्ति की हत्या किए जाने का आरोप है। प्रकरण में शिकायतकर्ता लक्ष्मी कुड़ियाम ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि दो अज्ञात व्यक्ति उनके घर पहुंचे और उनके पति को जबरन अपने साथ ले गए। बाद में रात में सूचना मिली कि उनके पति की गला घोंटकर हत्या कर दी गई है और शव जंगल के पास फेंक दिया गया है। घटनास्थल से एक पर्चा भी बरामद हुआ था, जिसमें नक्सली संगठन ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी।

जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में राजू मड़मा और लखमु मड़मा उर्फ बोड्डा को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है और यदि आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वे साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में न्यायहित में जमानत देना उचित नहीं है।


अन्य पोस्ट