कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 23 मार्च। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राज्य स्तरीय सात दिवसीय शिविर का आयोजन 21 से 28 मार्च तक अंबिकापुर के शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय छात्रावास, केशवपुर में किया जा रहा है। इस वर्ष शिविर की थीम डिजिटल साक्षरता एवं नशामुक्त समाज के लिए युवा रखी गई है। यह शिविर छत्तीसगढ़ शासन और उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर, राज्य एनएसएस अधिकारी नीता बाजपाई के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
इस शिविर में बस्तर विश्वविद्यालय की ओर से कोण्डागांव जिला संगठक शशिभूषण कनौजे के नेतृत्व में शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोण्डागांव से डॉली ठाकुर, छाया देवांगन, निताई बारई, समीर कोर्राम, फरसगांव महाविद्यालय से शनिदेव और प्रतिभा मरकाम, तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अड़ेंगा के कार्यक्रम अधिकारी विजय पैकरा भाग ले रहे हैं। स्वयंसेवक खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं। इस शिविर की महादलनायिका के रूप में कोण्डागांव की डॉली ठाकुर को नियुक्त किया गया है।
शिविर के तृतीय दिवस 23 मार्च को स्वयंसेवकों को शैक्षणिक भ्रमण के तहत मैनपाट की यात्रा कराई गई। शिविर के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवक नशामुक्ति और डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. सीआर पटेल, बस्तर विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डीएल पटेल, जिला संगठक शशिभूषण कनौजे और गुण्डाधुर महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी समलेश पोटाई ने सभी चयनित स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने बताया कि बस्तर विश्वविद्यालय से कुल 30 स्वयंसेवक शिविर में शामिल हो रहे हैं, जिनमें से 6 स्वयंसेवक कोण्डागांव जिले से हैं। हर वर्ष गुण्डाधुर महाविद्यालय के स्वयंसेवक अपनी समाज सेवा की प्रतिबद्धता के कारण इस शिविर में भाग लेते हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
इससे पहले भी महाविद्यालय के तिलक दास, गायत्री पोर्ते, हरेंद्र नाग, मुकेश पोयाम, अजीत कुमार, देवेंद्र सेठिया, देवेश, सलीना और रयतू कश्यप जैसे वरिष्ठ स्वयंसेवक राज्य और राष्ट्रीय स्तर के शिविरों में भाग लेकर बस्तर और छत्तीसगढ़ का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।


