कोण्डागांव

बस्तर के पर्यटन और विकास की नई पहचान, 3 से सभी वाहनों के लिए खुलेगा मार्ग
01-Jan-2025 10:14 PM
बस्तर के पर्यटन और विकास की नई पहचान, 3 से सभी वाहनों के लिए खुलेगा मार्ग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 1 जनवरी। बस्तर का प्रवेश द्वार कहलाने वाले केशकाल घाट की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य अब पूरी तरह से संपन्न हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से यह जानकारी कोण्डागांव के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ‘छत्तीसगढ़’ के साथ विशेष बातचीत में साझा की।

उन्होंने बताया कि 3 जनवरी से नेशनल हाईवे 30 का यह प्रमुख मार्ग सभी छोटे और बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इस नवीनीकरण के साथ, केशकाल घाट अब सिर्फ एक मार्ग नहीं बल्कि बस्तर के पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण की झलक प्रस्तुत करेगा। 

घाट का ऐतिहासिक महत्व और चुनौतीपूर्ण यात्रा

केशकाल घाट, जो बस्तर को राज्य की राजधानी रायपुर और अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है, का निर्माण 1960 के दशक में तत्कालीन नेशनल हाईवे 43 के तहत किया गया था। बाद में इसे नेशनल हाईवे 30 में शामिल किया गया। शुरुआती समय में यह सडक़ सीमित वाहनों के लिए उपयुक्त थी, लेकिन समय के साथ बढ़ते यातायात और भारी वाहनों के दबाव के कारण घाट की स्थिति खराब होती चली गई। साल 2024 में, घाट में बार-बार लगने वाले जाम और खस्ताहाल सडक़ की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, शासन और प्रशासन ने 6 नवंबर 2024 को घाट के यातायात को रोककर व्यापक मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू किया। 

मरम्मत और नवीनीकरण में

2 महीने और 13 करोड़  खर्च

केशकाल घाट के पुनर्निर्माण कार्य को पूरा करने में 2 महीने का समय और 12.98 करोड़ रुपए की लागत लगी। इस परियोजना के तहत पुराने कमजोर बेस को हटाकर आधुनिक तकनीक से सडक़ को मजबूत किया गया। घाट के सकरे और तीखे मोड़ों को चौड़ा किया गया, जिससे यात्रियों के लिए मार्ग सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके। 

घाट का सौंदर्यीकरण

बस्तर की संस्कृति की झलक मरम्मत कार्य के साथ-साथ घाट के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर दुदावत ने बताया कि घाट की दीवारों पर 3डी पेंटिंग की गई है, जिसमें बस्तर की संस्कृति, पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहर को उकेरा गया है। ये चित्र यात्रियों को बस्तर के पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक महत्व को समझने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। 

भविष्य की योजनाएं: फूलों की घाटी और रोजगार के अवसर

केशकाल घाट के भविष्य को लेकर प्रशासन की योजनाएं और भी महत्वाकांक्षी हैं। कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही केशकाल बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे घाट पर भारी वाहनों का दबाव खत्म हो जाएगा। इसके बाद घाट को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।प्रस्तावित योजनाओं में फूलों की घाटी का निर्माण शामिल है, जो घाट की प्राकृतिक खूबसूरती को और निखारेगा। इसके अलावा, स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना है। घाट क्षेत्र में स्ट्रीट फूड स्टॉल और अन्य छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। 

यात्रियों और पर्यटकों के लिए नई शुरुआत

केशकाल घाट का नवीनीकरण सिर्फ बस्तर के निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब यह मार्ग न केवल यातायात के लिए सुरक्षित होगा, बल्कि बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर से भी परिचित करवाएगा। 3 जनवरी से केशकाल घाट का मार्ग सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। यह सिर्फ एक सडक़ नहीं, बल्कि बस्तर के विकास और पर्यटन की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।


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