कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 28 दिसंबर। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिस तरीके से पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में कटौती हुई है, यह समाज के साथ सरासर अन्याय है। देश में सबसे बड़ी आबादी वाले समाज को शून्य प्रतिशत आरक्षण कहां तक उचित है।
आगे कहा कि प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय का बयान आता है पिछड़ा वर्ग को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, बयान आने की देरी भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा राजधानी को आभार-धन्यवाद के फ्लैक्स बैनर से पाट दिया जाता है, कहां गए वे लोग।
आज बस्तर में आकर देखें पिछड़ा वर्ग को कितने प्रतिशत का आरक्षण लाभ मिल रहा है। साय साहब से यही कहना चाहूंगा आदरणीय आप प्रदेश के मुखिया हैं, कम से कम आप तो ऐसी बेतुका बयान न दें, जिससे समाज पहले खुश और हकीकत मे ठगा हुआ महसूस करे।आज नगरीय निकाय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जारी आरक्षण में बस्तर संभाग के पिछड़ा वर्ग को न के बराबर आरक्षण मिला है, यह समाज के साथ अन्याय नहीं तो क्या है ?
पिछली चुनाव में कोंडागांव नगरपालिका के 22 वार्ड मे 06 वार्ड पार्षद सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, आज केवल तीन सीट है। फरसगांव नगर पंचायत में शून्य प्रतिशत सीट है। केशकाल नगर पंचायत में केवल 2 सीट आरक्षित है, वहीं जिला जनपद के सीटों मे यहाँ तक पंचायत के वार्ड पंच सीटों मे भी शून्य प्रतिशत आरक्षण दी गई है। पिछड़ा वर्ग के लिए यह समाज के अधिकार के साथ खिलवाड़ है। सरकार नहीं चाहती कि पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व का अवसर मिले, पिछड़ा वर्ग समाज अपनी आवाज को बुलंद कर सके।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार में देश में मिल रहे पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण को प्रदेश में भी लागू करने की दिशा में पहल की। विधानसभा में पूर्ण बहुमत से पारित कर राज्यपाल के पास पहुंचा, परन्तु केंद्र में बैठी भाजपा की मोदी सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ में बाहुल्य जनसंख्या वाली पिछड़ा वर्ग समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण मिले, इसलिए महामहिम राज्यपाल द्वारा उक्त आरक्षण संबंधी विधेयक को शिथिल रखा गया।
कांग्रेस पार्टी सदैव एसटी, एससी, पिछड़ा वर्ग के विकास को लेकर काम करते आई है, इन वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित करते आई है, परन्तु भाजपा की चाल चरित्र और चेहरा आज इस आरक्षण के माध्यम से साफ दिख रहा है कि भाजपा क्या चाहती है।
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा 30 दिसंबर को आयोजित बस्तर संभाग महाबंद एवं जंगी प्रदर्शन को हम पूर्ण रूप से समर्थन करते हैं। पिछड़ों के हर एक लड़ाई मे हम उनके साथ खड़े हैं। भाजपा द्वारा बस्तर में निवासरत एसटी एससी ओबीसी वर्ग के आपसी भाईचारे को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है हम बस्तरवासी इसे कतई बर्दास्त नहीं करेंगे। हम सब एक हैं। यह लड़ाई केवल पिछड़ा वर्ग की नहीं बल्कि हमारी संयुक्त लड़ाई है, जिसे हम सभी मिलकर एक साथ लड़ेंगे जीतेंगे।


