कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव 17 मार्च। सीपीआई और आनुसांगिक संगठनों द्वारा फरसगांव बाजार स्थल में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करके स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु महामहिम राज्यपाल मुख्यमंत्री छ.ग. शासन को ज्ञापन सौंपे जाने के सम्बन्ध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी देते हुए बताया गया कि सीपीआई व आनुसांगिक संगठनों से जुड़े बिसम्बर मरकाम, दिनेश कुमार मरकाम, नंदलाल नेताम, कृष्णा कुमार नेताम, महादेव नेताम, रामकुमार नेताम, जीवन, पारा, राकेश, रोमनाथ नेताम सहित अन्य कम्युनिश्टों ने जिले के तहसील मुख्यालय फरसगांव के साप्ताहिक बाजार स्थल में फरसगांव तहसील की स्थानीय समस्याओं के समाधान किए जाने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना देने के उपरांत रैली की शक्ल में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय तक पहुंचने के पश्चात अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ज्ञापन सौंपा।
चिकित्सा का स्तर अत्यन्त निम्न कोटी का है सामान्य सर्दी. खांसी के ईलाज लिए भी तहसील से बाहर जाना पड़ता है। अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत निवासी अधिनियम 2008 पूरे देश में एक साथ लागू हु। दस वर्ष से भी अधिक का समय हो चुका है पर वास्तविक हकदार किसानों को वन अधिकार कानून का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वन अधिकार प्रपत्र दिए जाने में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी और उसके आनुसांगिक संगठन इसी तरह की समस्याओं को लेकर लगातार आन्दोलनरत रहे हैं।
भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी और उसके आनुसांगिक संगठन जिला कोण्डागांव के तहसील शाखा फरसगांव द्वारा किए जा रहे मांगों में कोण्डागांव जिले के फरसगांव तहसील के उप तहसील बड़ेडोंगर को पूर्ण तहसील का दर्जा देते हुए। बड़ेडोंगर में तत्काल महाविद्यालय की स्थापना भी की जाए।


