कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 11 फरवरी। महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विकल माने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सरकार के प्रयास से आदिवासी अंचलों में यहां के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
दूसरी ओर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के षडयंत्र के कारण यहां के छात्रों की सीटों की संख्या निश्चित होने का फैसला देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोका जा रहा है। जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सभी संकायों में छात्रों की संख्या में ऑनलाइन भरी जा चुकी है। इससे ऑनलाइन फॉर्म भरने से कई छात्र ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म ही नहीं भर सकें।
कई छात्रों ने दूसरे कॉलेज में अपना फॉर्म भरा और फिर से अपना सेंटर बदलवाने के लिए उन्हें विश्वविद्यालय का चक्कर काटना पड़ेगा। जहां सेंटर बदलने का पैसा लेकर उन्हें कोण्डागांव में पुन: परीक्षा देने की अनुमति मिल जायेगी। इस दौरान आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निर्धन छात्रों से पैसा वसूली अभियान विश्वविद्यालय द्वारा चलाया जा रहा है। यदि पहले ही उनका फॉर्म कोण्डागांव से भरा गया होता तो उन्हें सेंटर चेंज करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले ही कोण्डागांव महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विकल माने ने सभी छात्रों को आश्वासन दिया था। यदि तय सीटों से ज्यादा छात्र फॉर्म भरते भी हैं, उनकी बैठक व्यवस्था जनभागीदारी समिति द्वारा कर दी जाएगी। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि में वृद्धि नहीं होती तो कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण जिले के बहुत से छात्र- छात्रा इस वर्ष शहीद महेंद्र कर्मा वि. वि. द्वारा लिए जाने वाली वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित हो जाएंगे।


