कोण्डागांव
कोण्डागांव, 5 जनवरी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ कृषि शिक्षा प्रणाली विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
राज्यपाल अनुसुईया उइके द्वारा कोण्डागांव के सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम झाटीबन आलोर में कार्यरत शीतला स्व सहायता समूह को कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकी सहयोग से नवाचार के माध्यम से हर्बल गुलाल रसायन मुक्त गुलाल बनाने एवं विक्रय करने के अनुकरणीय कार्य एवं ग्राम बोलबोला के बचत स्व.सहायता समूह की महिलों को जिले के पशुपालन विभाग से प्रदाय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकी सहयोग से उन्नत नस्ल के सुकरपालन के अनुकरणीय कार्य को प्रशस्ति पत्र वितरित करके सराहा गया।
स्व सहायता समूह की सुमित्रा नेताम एवं सुशीला नेताम को हर्बल गुलाल तथा देवकी बाई नेताम को उन्नत सुकरपालन के कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में कोण्डागांव की धरोहर समिति के अध्यक्ष शिवनाथ यादव को भी सुगंधित एवं अन्य विभिन्न प्रकार के धान की संरक्षित किस्मों का सुरक्षित रखने तथा धान की विभिन्न किस्मों को बचाए रखने के कार्य को सराहा गया।
एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला की कृषि प्रदर्शनी में कोण्डागांव के भी कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा भी हिस्सा लिया गया। जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र, कोण्डागांव ने जिले में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मत्स्य प्रजातियों, मछलीपालन के कम जगह एवं सघनता में पालने की आधुनिक तकनीक बायो फ्लॉक पद्धति लघु एवं भूमिहीन कृषकों के लिए बटेर पालन की उन्नत तकनीक मल्टीलेवल बटेर पालन का प्रदर्शन लगाया गया। इसके साथ ही आदिवासी अंचल के स्व सहायता समूहों की भी प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी रही। जिसमें झाटीबन आलोर के महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल तथा बोलबाला की बचत स्व सहायता समूह के द्वारा उन्नत नस्ल के सुकर पालन करने वाली ग्रामीण महिलाएं ने भी सुकर पालन तथा विकासखंड बडेराजपुर की स्व सहायता समूह द्वारा ताजा मशरुम, मशरूम के आचार, चिप्स इत्यादि की प्रदर्शनी लगाई।
इस कार्यशाला में राज्यपाल अनुसुईया उइके एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसएस सेंगर एवं निदेशक डॉ् आरण के बाजपाई सहित अन्य निदेशकों, अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों ने कृषि विज्ञान केन्द्र, कोण्डागांव की स्टॉल का अवलोकन किया। इस दौरान राज्यपाल द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ग्रामीण महिलाओं के उत्थान हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. हितेश मिश्रा एवं डॉ. बिंदिया पैंकरा ने भाग लिया।


