कोण्डागांव
फरसगांव/केशकाल, 12 दिसंबर। फरसगांव के गोंडवाना भवन में शनिवार दिनांक 11 दिसंबर को गोंडवाना समाज समन्वय समिति की के जिलाध्यक्ष मनहेर कोर्राम की अध्यक्षता में समिति की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में जिलाध्यक्ष कोर्राम ने समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया।
इस बैठक में गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग के संरक्षक तिरू. गोरादादा के आमंत्रण पर गोंडवाना गोंड महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तिरू. सोनऊराम नेताम एवं मानचित्र अधिकारी कांकेर तिरूमाल आर.आर. सोरी भी शामिल हुए थे। जहां उन्होंने समाज के लोगों को पेशा कानून से संबंधित बातें विस्तार पूर्वक जानकारी दी। तथा गांव संरचना से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से कोयावंशीय गोंड समुदाय को एक कोयापुनेम सिद्धांतों का पालन करते हुए आगे चलने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
बता दें कि इस बैठक में पांच विकासखंड कोण्डागांव, माकडी, फरसगांव, बड़ेराजपुर, केशकाल के पदाधिकारी, सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित हुए। बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि पं-क्र, 1033/92 का नवीनीकरण अब तक नहीं हुआ है, जो संभागीय पदाधिकारीयों द्धारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। वहीं सम्भागीय पदाधिकारी 1033/92 का हवाला देकर नियमावली की बातें करते हैं, जो सरासर अन्याय है। इसी पं-क्र, 1033/92 के तहत पारंपरिक रूढ़ी प्रथा कोयापुनेम का नियमों का पालन करते हुए पूर्व में हमारे पूर्वजों के द्धारा सर्व सम्मति से मनोनयन करते थे।


