कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 11 दिसंबर। सर्व विभागीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई कोण्डागांव से जुड़े दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा 10 दिसंबर को चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष बिरेन्द्र बघेल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर पुष्पेंन्द्र कुमार मीणा को सौंपा। इसके पूर्व चौपाटी मैदान में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और फिर रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष विरेन्द्र बघेल ने मीडिया को बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र मे घोषणा किया था कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों नियमितिकरण किया जाएगा, परन्तु आज लगभग तीन वर्ष बाद भी कांग्रेस पार्टी की सरकार, अपने किए वादों को नहीं निभा सकीं हैं, या फिर यूं कहे कि भूल गई है।
विरेन्द्र बघेल ने बताया कि वर्ष 1998 से विभिन्ना विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का आज पर्यंत नियमितीकरण नहीं हो पाया है, जिस कारण से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। जिसकी वजह से ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियमितीकरण, कार्य से पृथक किए गए कर्मचारियों की वापसी, ठेका में डाले गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियमितकरण कार्य वापसी तथा बस्तर कमिश्नर द्वारा विशेष कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से तृतीय, चतुर्थ श्रेणी में की कमचारीयों की सीधी भर्ती हेतु निकाली गई वेंकेसी मेें पहले से कार्यरत में अनुभवी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग शामिल हैं।


