कांकेर

कांकेर के चार विद्यार्थी मेरिट सूची में
30-Apr-2026 10:20 PM
कांकेर के चार विद्यार्थी मेरिट सूची में

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कांकेर, 29 अप्रैल। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा घोषित वर्ष 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणाम में कांकेर जिले के चार विद्यार्थियों ने राज्य की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है।

कक्षा 12वीं में यश खोब्रागड़े (पीएमश्री नरहरदेव शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, कांकेर), अपर्णा बिश्वास (शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कापसी) और महेश्वरी (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लखनपुरी) ने 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य मेरिट में 10वां स्थान हासिल किया है।

कक्षा 10वीं में ईशा दुर्गासी (चारामा स्थित निजी विद्यालय) ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य मेरिट में 8वां स्थान प्राप्त किया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 10वीं का परिणाम 93.68 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का परिणाम 93.75 प्रतिशत रहा है। कक्षा 10वीं की परीक्षा में 8884 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 6075 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। वहीं 2202 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी और 14 विद्यार्थियों ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की। कक्षा 12वीं में 7662 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 5371 प्रथम श्रेणी, 1777 द्वितीय श्रेणी और 19 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं।

अपर्णा बनना चाहती है डॉक्टर

अपर्णा बिश्वास ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। उसके इस सपने के पीछे एक भावनात्मक कारण भी जुड़ा हुआ है।अपर्णा बताती हैं कि उसकी दादी अक्सर बीमार रहती हैं और गांव-देहात के लोगों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखकर उसने डॉक्टर बनने का फैसला किया। इसी लक्ष्य को लेकर अपर्णा लगातार कड़ी मेहनत करती रही हैं। वह प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक पढ़ाई करती थी। उनके पिता किसान हैं और माता गृहिणी हैं।

यश बनना चाहता है बिजनेसमैन

 बस चालक के दिव्यांग बेटा यश खोबरागड़े ने इतिहास रचा। पीएम श्री आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नरहरदेव के छात्र यश खोब्रागड़े ने 12वीं कॉमर्स में 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रवीण्य सूची में दसवां स्थान पाया। यश ने बताया कि वह प्रतिदिन नियमित रूप से पढ़ाई करता था। परीक्षा समीप आने पर वह 12 घंटे तक पढ़ाई करता था। उसका कहना है कि निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है यश ने अपने इस उपलब्धि को अपने पिता सुदर्शन खोब्रागड़े को समर्पित किया है। यश सफल बिजनेसमैन बनना चाहता है और अपने परिवार को बेहतर जीवन देना चाहता है ।

माहेश्वरी बनना चाहती है प्रशासनिक अधिकारी

पढ़ाई पैसे की मोहताज नहीं होती इसे साबित कर दिखाया मजदुर की बेटी माहेश्वरी ने। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल लखनपुरी की छात्रा माहेश्वरी ने 12वीं की परीक्षा में 500 में से 482 अंक 96.40 फीसदी प्राप्त कर पूरे प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया है। महेश्वरी के माता-पिता मजदूरी करने दूर गांव गए थे। अभाव के चलते मोबाइल की सुविधा भी उनके पास नहीं थी इसलिए बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी उन्हें नहीं मिली थी। महेश्वरी के पिता छबि सिंह कोर्राम अपनी पत्नी के साथ जब  घर पहुंचे तो अपनी लाडली की इस उपलब्धि का खबर सुनकर गदगद हो गए। महेश्वरी की यह उपलब्धि  ने साबित कर दिया कि पढ़ाई पैसे की मोहताज नहीं होती। महेश्वरी ने प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा जताई है।

ईशा बनना चाहती है इंजीनियर

चारामा के एक निजी स्कूल डिज्नी पब्लिक स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा ईशा दुर्गासी ने 97.83 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश के टॉप टेन में आठवां स्थान दर्ज कराई है । ईशा के पिता शेखर दुर्गासी एक किसान हैं। उनकी माता लक्ष्मी दुर्गासी शिक्षिका के पद पर हैं । ईशा अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को श्रेय देती है । वह आगे जाकर चलकर इंजीनियर बनना चाहती हैं।


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